असम से भाजपा विधायक ने ममता पर लगाया गंभीर आरोप,जानिए क्या

Daily news network Posted: 2018-01-14 14:22:13 IST Updated: 2018-01-14 16:05:42 IST
  • भाजपा विधायक शिलादित्य देब ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एनआरसी पर निराधार बयान देकर असम में बंगाली और असमिया समुदाय के बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रही है।

गुवाहाटी।

भाजपा विधायक शिलादित्य देब ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एनआरसी पर निराधार बयान देकर असम में बंगाली और असमिया समुदाय के बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रही है। बंगाली बहुल होजई विधानसभा क्षेत्र से विधायक देब ने कहा, ममता न सिर्फ असम में रह रहे असमिया व बंगालियों के बीच दरार डालने की कोशिश कर रही है बल्कि वह धार्मिक अल्पसंख्यकों को शरण देने के मसले पर भी अपने डबल स्टैंडर्ड को उजागर कर रही है।

 

 

ममता ने नागरिकता(संशोधन)बिल 2016 का कड़ा विरोध किया है। इसमें बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता प्रदान करने का प्रस्ताव है। बकौल देब, जब ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल में भाजपा की लोकप्रियता से खतरा महसूस हुआ तो उन्होंने खुद को और राज्य में अपनी पार्टी की पॉजिशन को कन्सॉलिडेट करने के लिए एनआरसी अपडेट प्रोसेस को टूल के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।

 

 

उनकी योजना खतरनाक है क्योंकि वह पश्चिम बंगाल में अपने राजनीतिक लाभ के लिए असम के बंगालियों को भड़काने की कोशिश कर रही है। यह बहुत ही खतरनाक है और हम पूरी तरह इस तरह के प्रोवोकेशन के खिलाफ हैं। हाल ही में अलिपुरदुआर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल के लोगों से अपील की थी कि वे अगर एनआरसी में बंगालियों के नाम शामिल नहीं किए जाते हैं और उन्हें असम छोडऩे के लिए मजबूर किया जाता है तो अपने यहां शरण दें।

 


इससे पहले ममता बनर्जी ने कथित रूप से कहा था कि एनआरसी के पहले ड्राफ्ट में कई नामों को शामिल नहीं किया गया है, यह असम से बंगालियों को बाहर निकालने की साजिश है। आपको बता दें कि 31 दिसंबर की आधी रात एनआरसी

 का पहला ड्राफ्ट जारी किया गया था। इसमें 1 करोड़ 90 लाख लोगों के नाम शामिल है जबकि 3 करोड़ 29 लाख लोगों ने अपने दस्तावेज जमा करवाए थे।