Zoo के इस Hero की हो गई है मौत, इन राज्यों को सता रहा इस प्रजाति के खत्म होने का डर

Daily news network Posted: 2019-10-19 10:43:53 IST Updated: 2019-10-19 11:08:46 IST
Zoo के इस Hero की हो गई है मौत, इन राज्यों को सता रहा इस प्रजाति के खत्म होने का डर
  • लखनऊ प्राणी उद्यान का सबसे लोकप्रिय जीव हुक्कू बंदर कालू हमेशा के लिए खामोश हो गया।

लखनऊ प्राणी उद्यान का सबसे लोकप्रिय जीव हुक्कू बंदर कालू हमेशा के लिए खामोश हो गया। हुक्कू बंदर कालू उर्फ श्याम को सुबह सांस लेने में तकलीफ़ हो रही थी। जिसके चलते कालू अचेत होकर अपने बाड़े में पड़ा हुआ था। कालू को इस हाल में देखकर बाड़े के कीपर ने इसकी जानकारी तुरंत पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर उत्कर्ष शुक्ला को दी। तुरंत ही हुक्कू बंदर कालू को वन्यजीव चिकित्सालय ले जाकर उसका इलाज़ शुरू कर दिया गया।



हुक्कू बंदर कालू की मौत की खबर से हर तरफ शोक की लहर दौड़ गई। एक तरफ अपने इकलौते हुक्कू बंदर की मौत से प्राणी उद्यान के अधिकारी और कर्मचारी खासा दुखी नजर आए, तो दूसरी ओर अपने प्रिय कालू की मौत की खबर सुनते ही दर्शको ने भी उससे जुड़ी यादें सोशल मीडिया पर शेयर कर दुःख जताना शुरू कर दिया।

 

 

 लखनऊ प्राणी उद्यान के निदेशक डॉ आर. के. सिंह के मुताबिक 'कालू हुक्कू बंदर को 27 नवंबर 1988 को लखनऊ प्राणी उद्यान लाया गया था। उस वक्त कालू की उम्र 7 से 8 वर्ष के बीच बताई गई थी। जिसके आधार पर कालू करीब 39 वर्ष का था'।


 हुक्कू बंदर सिर्फ असम, अरुणाचल, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम जैसे देश के पूर्वोत्तर राज्यो के साथ बांग्लादेश के सदाबहार वनों में पाए जाते हैं। नर हुक्कू काले और मादा हुक्कू बंदर भूरे रंग की होती है। ये अपने दल से बात करने या उनका ध्यान आकर्षित करने के लिए हुक्कू हुक्कू की आवाज निकालते हैं, और सांकेतिक भाषा में बात करते है इसीलिए इनका नाम हुक्कू बंदर रखा गया।

 

 

हुक्कू बंदर अब पूर्वोत्तर राज्यो में भी विलुप्त होने की कगार पर पहुच गए हैं। केंद्रीय चिड़ियाघर ने इन लुप्त हो रहे हुक्कू बंदर के संरक्षण के लिए अरुणाचल प्रदेश चिड़ियाघर में ब्रीडिंग सेंटर खुलवाया है। अरुणाचल में हुक्कू बंदरो की संख्या बढ़ाने की कवायद चल रही है।