लोकसभा चुनाव में काफी अहम साबित होंगे मेघालय CM कोनराड, बीजेपी के हैं महत्वपूर्ण सहयोगी

Daily news network Posted: 2019-03-21 12:11:12 IST Updated: 2019-03-21 17:11:12 IST
  • सत्रहवीं लोकसभा की 543 सीटों के लिए चुनाव 11 अप्रैल से 19 मई के बीच सात चरणों में होंगे। मतगणना 23 मई को की जाएगी। इस चुनाव में मेघालय में मुख्यमंत्री कोनराड संगमा काफी अहम साबित होंगे।

सत्रहवीं लोकसभा की 543 सीटों के लिए चुनाव 11 अप्रैल से 19 मई के बीच सात चरणों में होंगे। मतगणना 23 मई को की जाएगी। इस चुनाव में मेघालय में मुख्यमंत्री कोनराड संगमा काफी अहम साबित होंगे। बता दें कि वह नॉर्थ ईस्ट के कद्दावर नेता रहे पीए संगमा के बेटे हैं। पीए संगमा मेघालय के तुरा से कई बार सांसद रहे। वह लोकसभा अध्यक्ष भी रहे।

 

 


 वह कांग्रेस के बड़े नेताओं में गिने जाते थे लेकिन सोनिया गांधी के विदेशी मूल के मसले पर उन्होंने शरद पवार के साथ कांग्रेस छोड़ दी थी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) बनाई थी। पवार की कांग्रेस से नजदीकी से नाराज होकर उन्होंने एनसीपी भी छोड़ दी और नेशनल पीपल्स पार्टी बनाई। कोनराड संगमा फिलहाल मेघालय का सीएम होने के साथ ही नेशनल पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष भी हैं।  

 

 


 कोनार्ड बीजेपी के साथ मिलकर मेघालय की सरकार चला रहे हैं और बीजेपी को केंद्र में समर्थन भी दे रखा है लेकिन नागरिकता संशोधन बिल पर उन्होंने अपनी राय स्पष्ट कर दी है कि अगर पार्टी इस बिल पर आगे बढ़ती है तो वह गठबंधन से अलग हो जाएंगे। कोनार्ड संगमा ने दावा किया था कि इसकी जानकारी उन्होंने पार्टी आलाकमान को दे दी है। लोकसभा में बिल पास होने के बाद उन्होंने दिल्ली आकर तमाम विपक्षी नेताओं से मिलकर इसके खिलाफ आवाज उठाई।

 


 3 मार्च 1916 को पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और पीपल्स पार्टी के नेता पीए संगमा का निधन हो गया। इसके बाद पार्टी की जिम्मेदारी कोनराड संगमा पर आ गई। कोनराड मेघालय के 12वें मुख्यमंत्री हैं। इससे पहले वह मेघालय विधानसभा में विपक्ष के नेता थे। वह  पश्चिम गारो हिल्स जिले के सेलसेल्ला विधानसभा निह लोर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे। 2008 में वह मेघालय में सबसे कम उम्र के वित्त मंत्री भी बने थे। वह तुरा लोकसभा से सांसद भी चुने गए।

 


 कोनराड संगमा का जन्म 27 जनवरी 1978 को हुआ उनकी पत्नी का नाम मेहताब चांडी है। उनकी माता का नाम सोरादिनी के संगमा है। अगाथा संगमा उनकी बहन हैं जो 15वीं लोकसभा के लिए तुरा से सासंद चुनी गईं थीं, उनके भाई जेम्स संगमा भी विधायक हैं। कोनराड की विद्यालयी शिक्षा सेंट कोलम्बस विद्यालय, नई दिल्ली से और उच्च शिक्षा लंदन विश्वविद्यालय तथा पेन्सिल्वेनिया विश्वविद्यालय से हुई।

 


 अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने 1990 के दशक में राजनैतिक जीवन शुरू किया। सबसे पहले वो अपने पिता पीए संगमा के चुनाव प्रबंधक बने। 2008 के विधानसभा चुनाव में वह पहली बार अपने भाई जेम्स के साथ एनसीपी के विधायक बने और सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।  इसमें वित्त, वाणिज्य, पर्यटन तथा सूचना प्रसारण प्रमुख थे। उन्होंने दस दिन के अन्दर राज्य का वार्षिक बजट पेश किया।