जबरदस्त है ये बचत खाते वाली स्कीम, बैंक से 3 गुना मिल रहा है रिटर्न

Daily news network Posted: 2018-04-24 13:53:45 IST Updated: 2018-04-24 13:53:45 IST
जबरदस्त है ये बचत खाते वाली स्कीम, बैंक से 3 गुना मिल रहा है रिटर्न
  • आपको बता दें कि एक स्कीम ऐसी भी है, जिसमें आपको सेविंग अकाउंट की तरह ही सारी सुविधाएं मिलती हैं।

नई दिल्ली।

पैसे की जरूरत कब और कहां पड़ जाए कहा नहीं जा सकता है। ऐसे में अगर हम अपनी सारी बजत ऐसी जगह लगा देते हैं, जहां पर तय समय से पहले पैसे निकालने पर घाटा सहना पड़े तो यह समझदारी की बात नहीं होती है। ऐसे में बचत खाते में भी पैसे रखना अक्लमंदी की बात होती है। हालांकि बचत खाते में पैसे निकालने के लिए घाटा तो सहना नहीं पड़ता, लेकिन यहां ब्याज काफी कम मिलता है। ऐसे में मन में यह सवाल उठना लाजमी है कि पैसो को कहां रखा जाए, जहां जरूरत पडऩे पर आसानी से निकाला भी जा सके और ब्याज भी ज्यादा मिले। 



 

आपको बता दें कि एक स्कीम ऐसी भी है, जिसमें आपको सेविंग अकाउंट की तरह ही सारी सुविधाएं मिलती हैं। वहीं इनमें जमा पैसों पर ब्याज भी 9 फीसदी से 12 फीसदी तक मिल रहा है। यानी बैंक के सेविंग अकाउंट की तुलना में तीन गुना तक रिटर्न। इस स्कीम से भी आप जब चाहें पैसे निकाल या जमा कर सकते हैं। हम यहां बात कर रहे हैं कि सेविंग अकाउंट की तरह ही सुविधा देने वाले लिक्विड फंड की।  ये फंड आपको सेविंग्स अकाउंट पर मिलने वाली ब्याज दर के मुकाबले ज्यादा रिटर्न देते हैं। पिछले एक साल में ज्यादातर लिक्विड फंड योजनाओं ने 9 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है, वहीं कुछ में 12 फीसदी तक रिटर्न मिला है जो सेविंग अकाउंट ही नहीं, एफडी पर मिल रहे मौजूदा रिटर्न से भी ज्यादा है। 


 

 

 

लिक्विड फंड एक तरह के म्यूचुअल फंड हैं। ये ऐसे फंड होते हैं, जिनमें जोखिम भी कम होता है। लिक्विड फंड का दूसरा नाम है कैश फंड और इसका मकसद है, ज्यादा लिक्विडिटी, कम जोखिम और स्थिर रिटर्न। इस फंड में सेविंग्स अकाउंट से ज्यादा ब्याज मिल जाता है। ये गवर्नमेंट सिक्योरिटीज, सर्टिफिकेट ऑफ  डिपॉजिटए ट्रेजरी बिल्स, कॉमर्शियल पेपर्स और दूसरे डेट इंस्टू्मेंट्स में निवेश करते हैं। इससे ज्यादा सेफ  माने जाते हैं। इनकी कोई लॉक इन अवधि नहीं होती। मतलब आप निवेश करने के दूसरे दिन भी पैसे निकाल सकते हैं। आप एक हफ्ते के लिए भी अपने पैसों का निवेश यहां कर सकते हैं। इस स्कीम में जब चाहें एक्स्ट्रा पैसे जमा कराएं या जब चाहें इसमें से निकाल लें। यह योजना बैंक या पोस्ट ऑफिस की आरडी की तरह काम करेगी। लिक्विड फंडों पर ब्याज दर के उतार-चढ़ाव का जोखिम सबसे कम होता है क्योंकि प्राथमिक रूप से ये अल्पावधि की मेच्योरिटी वाले फिक्स्ड इनकम सिक्युरिटीज में निवेश करते हैं।



 

लिक्विड फंड के रिटर्न में ज्यादा असमानता नहीं होती है क्योंकि सभी लिक्विड फंड एक ही तरह की सिक्युरिटीज में निवेश करते हैं। हालांकि, जब आप लिक्विड फंड में निवेश का निर्णय कर लेते हैं तो यह जरूर देखिए कि जिस लिक्विड फंड में आप निवेश करने का मन बना चुके हैं उसके फंड की साइज क्या है यानि उसका कॉर्पस कितना है और फंड हाउस का इतिहास कैसा रहा है। लिक्विड फंडों के विभिन्न प्लान होते हैं। आप ग्रोथ, दैनिक डिविडेंड प्लान, साप्ताहिक डिविडेंड प्लान और मासिक डिविडेंड प्लान का चयन कर सकते हैं। ग्रोथ प्लान के तहत किसी तरह के डिविडेंड की घोषणा नहीं की जाती है और फंड में होने वाली बढ़ोतरी को यूनिट वैल्यू की ग्रोथ के रूप में देखा जा सकता है।


 

 

अगर आप म्यूचुअल फंड में पहली बार निवेश कर रहे हैं तो फंड मैनेजर आपका केवाईसी तैयार करेगा। इसके बाद पहले महीने की किस्त के लिए एक चेक, ईसीएस के लिए ऑटो डेबिट फॉर्म और एक कॉमन फॉर्म भरवाया जाएगा। इसके साथ ही आपकी लिक्विड फंड में एसआईपी शुरू हो जाएगी। इसके बाद हर महीने आपके बैंक खाते से तय तारीख पर तय रकम कटती रहेगी। इस तरह का इनवेस्टमेंट ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है। अगर कोई चाहे तो वह इस योजना में एक से ज्यादा एसआईपी भी शुरू करवा सकता है।