'जस्टिस गोगोई को नहीं बनाया गया CJI, तो सच साबित होगा हमारा डर'

Daily news network Posted: 2018-04-09 16:06:35 IST Updated: 2018-04-09 16:47:45 IST
'जस्टिस गोगोई को नहीं बनाया गया CJI, तो सच साबित होगा हमारा डर'
  • सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जज जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा है कि अगर जस्टिस दीपक मिश्रा के बाद जस्टिस रंजन गोगोई को देश का मुख्य न्यायाधीश नहीं बनाया जाता है तो हमारा डर सच साबित होगा।

नई दिल्ली।

सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जज जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा है कि अगर जस्टिस दीपक मिश्रा के बाद जस्टिस रंजन गोगोई को देश का मुख्य न्यायाधीश नहीं बनाया जाता है तो हमारा डर सच साबित होगा।


 इस साल जनवरी में मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ ऐतिहासिक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले सुप्रीम कोर्ट के 4 वरिष्ठतम जजों में से एक जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा है कि अगर गोगोई को को देश का मुख्य न्यायाधीशन हीं बनाया जाता है तो समझिएगा कि हमने प्रेस कॉन्फ्रेन्स कर जो शक जताए थे वो सच साबित हो गए।


 उन्होंने कहा कि महाभियोग हर समस्या का जवाब नहीं हो सकता और प्रणाली को सही किए जाने की जरूरत है।


 जस्टिस चेलमेश्वर ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह अपनी सेवानिवृत्ति के बाद सरकार से कोई नियुक्ति नहीं मांगेंगें। उन्होंने कहा कि मैं यह रिकार्ड में कह रहा हूं कि 22 जून को अपनी सेवानिवृत्ति के बाद मैं सरकार से कोई नियुक्ति नहीं मांगूगा।


 उन्होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) के बाद वह सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं। न्यायमूर्ति चेलमेश्वर ने कहा कि 12 जनवरी को उन्होंने जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एमबी लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ के साथ जो संवाददाता सम्मेलन किया था, वह रोष और सरोकार का नतीजा था क्योंकि शीर्ष न्यायालय के कामकाज के बारे में उनकी तरफ से उठाए गए मुद्दों पर मुख्य न्यायाधीश के साथ उनकी चर्चा का वांछित नतीजा नहीं निकल पाया था।


 लोकतंत्र में न्यायपालिका की भूमिका विषय पर बात करते हुए जस्टिस चेलमेश्वर ने पीठों के गठन और विभिन्न जस्टिसों को मामलों के आवंटन में मुख्य न्यायाधीश की प्राथमिकता पर पूछे गए सवालों का भी जवाब दिया।


 उन्होंने कहा, 'चीफ जस्टिस, मास्टर ऑफ रोस्टर हैं। बेशक, मुख्य न्यायाधीश के पास यह ताकत है। सीजेआई के पास पीठें गठित करने की शक्ति है लेकिन संवैधानिक प्रणाली के तहत हर अधिकार के साथ कुछ खास जिम्मेदारियां हैं।'


 न्यायपालिका की भूमिका को लेकर उन्होंने कहा कि सीजेआई के पास पीठें गठित करने की शक्ति है, लेकिन हर अधिकार के साथ कुछ खास जिम्मेदारियां हैं। सीजेआई के खिलाफ महाभियोग को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मैं नहीं जानता कि यह देश महाभियोग के बारे में इतना अधिक चिंतित क्यों है। उन्होंने कहा कि महाभियोग हर सवाल या हर समस्या का हल नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि महाभियोग के बजाए न्याय प्रणाली को दुरूस्त करने की जरूरत है।