जानिए, इसबार जन्माष्टमी 23 अगस्त को है या 24 को, शुभ मुहूर्त एवं पूजन विधि

Daily news network Posted: 2019-08-22 20:42:49 IST Updated: 2019-08-22 20:42:49 IST
जानिए, इसबार जन्माष्टमी 23 अगस्त को है या 24 को, शुभ मुहूर्त एवं पूजन विधि
  • लोग इस बात को लेकर भ्रम में हैं कि इस बार जन्‍माष्‍टमी 23 अगस्‍त को है या 24 अगस्‍त को।

हिन्‍दू मान्‍यताओं के अनुसार श्री हरि विष्‍णु के 8वें अवतार श्रीकृष्‍ण के जन्‍मोत्सव को जन्‍माष्‍टमी के रूप में मनाया जाता है। इस साल जन्‍माष्‍टमी की तिथि को लेकर लोगों में असमंजस स्थिति बनी हुई। लोग इस बात को लेकर भ्रम में हैं कि इस बार जन्‍माष्‍टमी 23 अगस्‍त को है या 24 अगस्‍त को।

 

बताया जाता है कि भगवान श्रीकृष्‍ण का जन्‍म भाद्रपद यानी भादो माह की कृष्‍ण पक्ष की अष्‍टमी को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इस तरह यदि अष्‍टमी तिथि के हिसाब से देखा जाए तो 23 अगस्‍त को जन्‍माष्‍टमी पड़ती है, लेकिन अगर रोहिणी नक्षत्र के अनुसार माना जाए तो 24 अगस्‍त को कृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी पड़ती है। माना जाता है थ्क जन्माष्टमी के दिन श्रीकृष्ण की पूजा करने से संतान प्राप्ति, आयु तथा समृद्धि की प्राप्ति होती है।

 

 

जन्‍माष्‍टमी की तिथि एवं शुभ मुहूर्त

जन्‍माष्‍टमी की तिथि: 23 अगस्‍त और 24 अगस्‍त।

अष्‍टमी तिथि प्रारंभ: 23 अगस्‍त 2019 को सुबह 08 बजकर 09 मिनट से।

अष्‍टमी तिथि समाप्‍त: 24 अगस्‍त 2019 को सुबह 08 बजकर 32 मिनट तक

रोहिणी नक्षत्र प्रारंभ: 24 अगस्‍त 2019 की सुबह 03 बजकर 48 मिनट से।

रोहिणी नक्षत्र समाप्‍त: 25 अगस्‍त 2019 को सुबह 04 बजकर 17 मिनट तक।

 

जन्माष्टमी के दिन ये करें

प्रातःकाल स्नान करके व्रत या पूजा का संकल्प लें।

दिन भर जलाहार या फलाहार ग्रहण करें और सात्विक रहें।

दिन भर भगवान के स्थान की सजावट करें।

मुख्य द्वार पर वंदनवार लगाएं।

मध्यरात्रि के भोग और जन्मोत्सव की व्यवस्था करें।

घर में सात्विक आहार का ही प्रयोग करेंं

 

जन्माष्टमी पर भोग

पंचामृत बनाकर उसमें तुलसी दल डालें।

मेवा, माखन और मिश्री भी रखें।

धनिये की पंजीरी भी अर्पित कर सकते हैं।

तमाम तरह के व्यंजन वाला पूर्ण सात्विक भोजन भी अर्पित कर कसते हैं।