पूर्वोत्तर राज्यों की राह पर जम्मू कश्मीर, सरेंडर करने वाले आतंकियों को मिलेंगे 6 लाख रुपये!

Daily news network Posted: 2018-04-06 11:12:04 IST Updated: 2018-04-06 11:35:31 IST
पूर्वोत्तर राज्यों की राह पर जम्मू कश्मीर, सरेंडर करने वाले आतंकियों को मिलेंगे 6 लाख रुपये!
  • पूर्वोत्तर राज्यों के सबक लेकर जम्मू कश्मीर ने भी आतंकियों की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति में बदलाव की सिफारिश की है।

नर्इ दिल्ली।

पूर्वोत्तर राज्यों से सबक लेकर जम्मू कश्मीर ने भी आतंकियों के आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति में बदलाव की सिफारिश की गई है। प्रस्तावित नई नीति के तहत सरेंडर करने वाले आतंकियों की आर्थिक सहायता राशि बढ़ाकर 6 लाख रुपये कर दी गई हैं, जिसमें 10 साल का लॉक-इन पीरियड रखा गया है। इस नीति को लेकर केंद्र सरकार का फैसला आना अभी बाकी है।



 3 साल के लॉक-इन पीरियड के साथ डेढ़ लाख रुपये की आर्थिक मदद


मौजूदा नीति में सरेंडर करने वाले आतंकियों को डेढ़ लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है, जिसमें 3 साल का समय रखा गया है। जम्मू और कश्मीर के स्थानीय बीजेपी नेताओं ने प्रस्तावित नई नीति का विरोध किया है। उनका कहना है कि इस नीति से आतंकियों को प्रोत्साहन मिलेगा और आतंक के खिलाफ लड़ रहे सेना के जवानों के मनोबल को चोट पहुंचेगी।



 पिछले साल युवाआें ने छोड़ी आतंक की राह

 

 गौरतलब है कि पिछले दिनों कश्मीर में कुछ स्थानीय युवाओं ने आतंक की राह छोड़कर मुख्यधारा में वापस लौटने का फैसला किया था। इसके बाद ही गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से इस दिशा में कदम उठाने को कहा था। गृह मंत्रालय ने पुनर्वास नीति के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी के गठन की बात कही थी, जिसकी अध्यक्षता एडीजी या डीजी रैंक के अधिकारी को करने का सुझाव दिया गया था।

 

 


पूर्वोत्तर राज्य में लागू हो चुकी है नीति


बताया जा रहा है कि मौजूदा नीति को पुराना माना गया था, खास तौर पर जब अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण उत्तर-पूर्व क्षेत्र में विद्रोहियों के लिए आत्मसमर्पण योजना के तहत 4 लाख रुपये मिलते हैं, जिसे तीन साल का लॉक इन पीरियड है। इसके अलावा सरेंडर करने वाले व्यक्ति को सजा काटने के 3 महीने बाद तक 6 हजार रुपये प्रति महीने का स्टाइपेंड भी दिया जाता है। उत्तर-पूर्व राज्यों असम, मणिपुर, मेघालय, नगालैंड, त्रिपुरा, और अरुणाचल प्रदेश में इस नई नीति का ऐलान फरवरी में किया गया था, जो 1 अप्रैल से लागू हो गई है।

 

 


नई नीति में प्रस्ताव

 

 जम्मू कश्मीर में आतंकियों के सरेंडर की नई नीति में उन्हें 6 लाख रुपये के अलावा 10 साल तक ब्याज के रूप में आने वाले 4 हजार रुपये भी देने का प्रस्ताव है।