नहीं रहे कद्दावर नेता अरुण जेटली, PM मोदी सहित इन नेताओं ने जताया शोक

Daily news network Posted: 2019-08-24 16:16:27 IST Updated: 2019-08-24 20:51:41 IST
  • भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, जानेमाने अधिवक्ता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली का शनिवार को यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में निधन हो गया। वह 67 वर्ष के थे। जेटली के परिवार में पत्नी एक पुत्र और एक पुत्री हैं। वह राज्यसभा सदस्य थे।

दिल्ली/गुवाहाटी

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, जानेमाने अधिवक्ता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली का शनिवार को यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में निधन हो गया। वह 67 वर्ष के थे। जेटली के परिवार में पत्नी एक पुत्र और एक पुत्री हैं। वह राज्यसभा सदस्य थे। उनके निधन पर राष्ट्रपती कोविंद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपती एम वेंकैया नायडू सहित कई नेताओं ने शोक व्यक्त की है। जिसमें  कांग्रेस के महिला मोर्चा के अध्यक्ष सुष्मिता देव,केंद्रीय खेल मंत्री किरन रिजीजू, असम के पुर्व मुख्यमंत्री तरूण गोगोई व असम के वर्तमान मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल आदी शामिल हैं।

 

 


 

 

 

 

 

 

 

 


 

 


 


 

 

 भारतीय जनता पार्टी के 'थींक टैंक' के रूप में मशहूर अरुण जेटली ने दिल्ली विश्विद्यालय के छात्र आंदोलन से अपनी राजनीतिक पहचान बनाई और करीब चार दशक तक भारतीय राजनीति में छाये रहे। इसके अलावा उन्होंने वित्त मंत्री के तौर पर देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान की। अठाईस दिसंबर 1952 को नयी दिल्ली में जन्में जेटली न केवल एक चर्चित वकील रहे बल्कि वह संसद में सरकार के 'संकट मोचक' वक्ता के रूप में भी जाने जाते थे। वर्ष 1974 में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित होने के बाद उन्हें आपातकाल के दौरान जेल में भी रहना पड़ा और इसके बाद धीरे-धीरे वह राजनीति की सीढिय़ा चढ़ते हुए शीर्ष पर पहुंच गये।



 उन्होंने केंद्र सरकार के कई प्रमुख मंत्रालयों का प्रभार संभाला और वर्ष 2014 से 2019 तक भारत के वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री रहे। जेटली ने अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी की सरकार में वित्त, रक्षा, कॉर्पोरेट, वाणिज्य एवं उद्योग, कानून एवं न्याय से संबंधित मंत्रालयों का प्रभार संभाला था। वह वर्ष 2009 से 2014 तक राज्यसभा में विपक्ष के नेता रहे। उन्होंने उच्चतम न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में भी योगदान दिया। उन्होंने इस वर्ष राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सत्ता में वापसी करने के बाद अपनी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण श्री मोदी के मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया।



 पूर्व वित्त मंत्री वर्ष 1991 से ही भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य थे। वह वर्ष 1999 के आम चुनाव से पहले भाजपा के प्रवक्ता थे। उन्हें वर्ष1999 में भाजपा के नेतृत्व वाली राजग के सत्ता में आने के बाद सूचना एवं प्रसारण (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री बनाया गया। उन्हें विनिवेश राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भी बनाया गया था। श्री जेटली को 23 जुलाई 2000 को कानून, न्याय एवं कंपनी मामलों के मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। उन्हें यह अतिरिक्त प्रभार उस समय के कानून, न्याय एवं कंपनी मामलों के मंत्री राम जेठमलानी के इस्तीफे के बाद सौंपा गया था।

 


 पूर्व केंद्रीय मंत्री ने वर्ष1957 से 69 तक दिल्ली के सेंट जेवियर्स स्कूल में पढ़ाई की। उन्होंने वर्ष 1973 में नयी दिल्ली के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से कॉमर्स से स्नातक किया और वर्ष 1977 में दिल्ली विश्वविद्यालय से ही एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। श्री जेटली 70 के दशक में दिल्ली विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्र नेता थे और 1974 में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ के अध्यक्ष बने। उन्हें वर्ष1975-77 के आपातकाल के दौरान 19 महीनों तक हिरासत में रखा गया।

 


 पूर्व वित्त मंत्री वर्ष1973 में राज नारायण और जयप्रकाश नारायण द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू किये गये आंदोलन के एक प्रमुख नेता के रूप में उभरे थे। वह नारायण द्वारा गठित नेशनल कमिटी फॉर स्टूडेंट्स एंड यूथ आर्गेनाइजेशन के संयोजक भी रहे और नागरिक अधिकारों से संबंधित आंदोलन में भी सक्रिय थे। जेल से रिहा होने के बाद वह जनसंघ में शामिल हो गये। जेटली वर्ष 1982 में जम्मू-कश्मीर के पूर्व वित्त मंत्री गिरधारी लाल डोगरा की पुत्री संगीता के साथ परिणय सूत्र में बंध गये थे। जेटली के परिवार में पत्नी, बेटा रोहन और बेटी सोनाली हैै। गौरतलब है कि जेटली का शनिवार को यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में निधन हो गया। वह 67 वर्ष के थे।


जेटली के निधन से महत्वपूर्ण मित्र खो दिया: मोदी


  

 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व वित्त मंत्री अरूण जेटली के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि वह एक बड़े नेता, बुद्धिजीवी और कानून क्षेत्र के महारथी थे। तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण में संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे मोदी ने जेटली की पत्नी से टेलीफोन पर भी बात की। अपने शोक संदेश में उन्होंने कहा , '' उनका निधन दुखद है। उनकी पत्नी संगीता जी और पुत्र रोहन से बात की और संवेदना व्यक्त की। ओम शांति प्रधानमंत्री ने कहा , ''अरूण जेटली जी के निधन से उन्होंने एक महत्वपूर्ण मित्र खो दिया है, जिनको मैं दशकों से जानता था। विभिन्न मुद्दों पर उनकी जानकारी और समझ असाधारण थी। उन्होंने अच्छा जीवन जीया और हमें कई अच्छी यादों के साथ छोड़ गये। हमें उनकी याद आयेगी ।


 मोदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और श्री जेटली का अटूट बंधन था। तेज तर्रार छात्र नेता के रूप में वह आपातकाल के दौरान लोकतंत्र को बचाने के लिए आगे आये थे। वह पार्टी का चेहरा बन गये थे और उन्होंने अपने कार्यक्रमों और योजनाओं से पार्टी की विचारधारा को समाज के बड़े वर्ग तक पहुंचाया। अपने लंबे राजनीतिक कैरियर के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों के मंत्री रहते हुए जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन किया और देश के आर्थिक विकास, रक्षा , कानून तथा व्यापार के क्षेत्र में योगदान दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जीवन्त , हाजिरजवाब , विनोदी स्वभाव और करिश्माई व्यक्तित्व के धनी  जेटली ने समाज के सभी वर्गों में स्वीकार्य थे। उन्हें देश के संविधान , इतिहास , लोक नीति , शासन और प्रशासन का अच्छा ज्ञान था।


अपार बौद्धिक क्षमता के धनी थे जेटली: नायडू


 उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।नायडू ने अपने शोक संदेश में कहा, ''जेटली का निधन देश और मेरे लिए अपूरणीय क्षति है। मेरे पास संवेदना व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं। उनका व्यक्तित्व मजबूत बौद्धिक, कुशल प्रशासनिक और बेजोड़ अखंडता का धनी था। नायडू हैदराबाद के दौरे पर थे और वह अपनी यात्रा स्थगित कर दिल्ली के लिए रवाना हो गये हैं। 

 


 जेटली ने देश को दुनिया की सबसे तेज गति वाली अर्थव्यवस्था बनाया : शाह

 भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली को भारतीय अर्थव्यवस्था को सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनाने वाला शख्स करार दिया है और उनके निधन को देश की राजनीति में एक गहरा शून्य बताया है जिसकी भरपाई संभव नहीं है। भाजपा अध्यक्ष एवं केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने शोक संदेश में जेटली को मोदी सरकार के गरीब कल्याण कार्यक्रमों तथा विमुद्रीकरण एवं वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) जैसे सुधारों को जमीन पर उतारने वाला एक सक्षम प्रशासक और संवेदनशील राजनेता निरूपित किया।


 


शाह ने कहा, '' मैं अरुण जेटली जी के निधन से अत्यंत दु:खी हूँ, जेटली जी का जाना मेरे लिये एक व्यक्तिगत क्षति है। उनके रूप में मैंने न सिर्फ संगठन का एक वरिष्ठ नेता खोया है बल्कि परिवार का एक ऐसा अभिन्न सदस्य भी खोया है जिनका साथ और मार्गदर्शन मुझे वर्षों तक प्राप्त होता रहा। खुशमिजाज व्यक्तित्व वाले जेटली जी से मिलना और उनसे विचार-विमर्श करना सभी के लिए एक सुखद अनुभव होता था। उन्होंने कहा कि आज  जेटली के जाने से देश की राजनीति और भारतीय जनता पार्टी में एक ऐसी रिक्तता आयी है जिसकी भरपाई होना जल्दी संभव नहीं है। अपने अद्वितीय अनुभव और विरले क्षमता से जेटली ने संगठन और सरकार में विभिन्न दायित्वों का निर्वाह किया।

 


 एक प्रखर वक्ता और समर्पित कार्यकर्ता जेटली ने देश के वित्त मंत्री, रक्षा मंत्री और राज्य सभा में नेता विपक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों के दायित्व को पूरी कुशलता से निभाया। शाह ने कहा कि मोदी सरकार के 2014-19 के कार्यकाल के दौरान देश के वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने अपनी अमिट छाप छोड़ी और मोदी जी की गरीब कल्याण की परिकल्पनाओं को जमीन पर उतारा और हिन्दुस्तान को विश्व की सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था के रूप में प्रतिष्ठित किया। उन्होंने कहा, ''काले धन पर कार्रवाई की बात हो, एक देश-एक कर 'जीएसटी' के स्वप्न को साकार करने की बात हो, विमुद्रीकरण की बात हो या आम आदमी को राहत पहुंचाने की बात, उनके हर निर्णय में देश और देश की जनता का कल्याण निहित था।



 देश उनके अत्यंत सरल एवं संवेदनशील व्यक्तित्व के लिए उन्हें सदैव याद रखेगा। उन्होंने कहा, '' मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि वह दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और शोक संतृप्त परिवार को यह वियोग सहन करने की शक्ति दे। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने अपने शोक संदेश में कहा कि  जेटली का निधन उनके लिए असहनीय है। उन्होंने कहा कि जेटली ने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज और भाजपा को समर्पित कर दिया। विगत कई वर्षों में हर विषय पर उनका मार्गदर्शन मिला।

 


 उन्होंने कहा, ''श्री जेटली के जाने से भारतीय राजनीति में जो शून्य आया है, उसकी पूर्ति कभी नहीं हो सकती है। संसद के अंदर उनके प्रभावी भाषणों की गूंज, कठिन से कठिन समस्या के समय भी उनका मुस्कराता हुआ चेहरा सदैव हमारे साथ रहेगा और उनके विचार सदैव हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे। नड्डा ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वह जेटली की आत्मा को शान्ति प्रदान करें और शोकाकुल परिजनों को इस क्षति को सहने की शक्ति दे।