खतरनाक मिसाइल के बाद चीन को पस्त करने के लिए सरकार ने बनाया ये सीक्रेट प्लान

Daily news network Posted: 2018-05-14 10:07:32 IST Updated: 2018-08-13 14:39:19 IST

पूर्वोत्तर राज्यों में चीन से लगती सीमा पर केंद्र सरकार ने विशेष ध्यान देना शुरु कर दिया है। केंद्र सरकार इन इलाकों में लगातार अपनी ताकत बढ़ाती जा रही है। इसी कड़ी में सरकार ने भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस ( आईटीबीपी ) के लिए अगले कुछ सालों में नौ नई बटालियन , एक रणनीतिक सेक्टर मुख्यालय , एक दर्जन गश्ती कैंप और 47 नई सीमा चौकियां बनाने का अहम नीतिगत फैसला किया है। 


 



एक सरकारी नोट के हिसाब से केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस सीमाबल की विभिन्न संचालन सीमा सुरक्षा जरुरतों को पूरा करने के लिए पिछले महीने एक बैठक की थी। आईटीबीपी पर 3,488 किलोमीटर लंबी भारत चीन सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी है।

 

 


प्रस्ताव के मुताबिक गृह मंत्रालय ने नौ बटालियनें (जिसमें 9000 कर्मी होंगे), एक पूर्वोत्तर राज्य में चीन सीमा पर एक सेक्टर मुख्यालय, 47 नई सीमा चौकियों, 12 स्टेजिंग कैंप स्थापित करने तथा लद्दाख एवं अरुणाचल प्रदेश क्षेत्र में 18 सीमा चौकियों में आईटीबीपी की ताकत बढ़ाने को सैद्धांतिक मंजूरी दी। 




बता दें, इससे पहले खबर आई थी कि सरकार पाकिस्तान, बांग्लादेश और चीन के साथ रणनीतिक सीमाओं पर रक्षा को चाकचौबंद करने के लिए देश के दो सीमा प्रहरी बलों में 15 नयी बटालियनें सृजित करने की योजना बना रही है।  इनमें से नौ बटालियनें भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस के लिए हैं जबकि बाकी सीमा सुरक्षा बल के लिए हैं जिसकी कुछ समय पहले मंजूरी दी गयी थी।

 

 

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगले महीने तक मंजूरी मिलने के साथ ही आईटीबीपी नई बटालियनों के लिए नई भर्ती शुरु कर देगा और निचले स्तर पर करीब 6000 कर्मियों की वर्तमान रिक्तियों को भी भरेगा। अंतिम चीज जिसे केंद्रीय गृह मंत्रालय से मंजूरी मिलनी है, वह बजटीय आवंटन है। अधिकारी ने बताया कि नए सेक्टर मुख्यालय की अगुवाई उप महानिरीक्षक स्तर का कोई अधिकारी करेगा तथा ऐसी संभावना है कि अरुणाचल और सिक्किम में बल की तैनाती पर निगरानी के लिए अरुणाचल प्रदेश में यह मुख्यालय होगा।

 

 

वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बार-बार अतिक्रमण और चीनी सेना के साथ लगातार टकराव की घटनाओं को आईटीबीपी द्वारा अपने कर्मियों की संख्या, बुनियादी ढांचे और साजो सामान बढ़ाने की वजह के रुप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि भारत  पहली इंटरकॉन्टिनेंटल बेलस्टिक मिसाइल अग्नि-5 की तैयारियों में जुट गया है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, '5000 किमी, रेंज तक मार करने में सक्षम अग्नि-5 के कई सिस्टम और सब सिस्टम एसएफसी की नई अग्नि-5 यूनिट को सौंपे गए हैं। इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि पूरा चीन इसकी जद में होगा