चीन के होश उड़ाने जा रहा है इंडियन रेलवे, जल्द शुरु करेगा ऐसा बड़ा काम

Daily news network Posted: 2018-05-17 09:37:52 IST Updated: 2018-06-08 15:41:25 IST
  • पूर्वोत्तर के पांच राज्यों के साथ चीन, म्यांमार और बांग्लादेश के सीमावर्ती इलाकों को जोडऩे के लिए भारतीय रेलवे नई परियोजना पर काम करेगा।

गुवाहाटी।

पूर्वोत्तर के पांच राज्यों के साथ चीन, म्यांमार और बांग्लादेश के सीमावर्ती इलाकों को जोडऩे के लिए भारतीय रेलवे  नई परियोजना पर काम करेगा। इस परियोजना के तहत 40,000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके तहत रेलवे मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, सिक्किम और नागालैंड की राजधानियों को जोडऩे काम करेगा। अगले दो साल में इस परियोजना पर काम पूरा हो जाएगा। इन परियोजनाओं के तहत कुल 1500 किलोमीटर से अधिक लंबी रेल लाइनें बिछाई जाएंगी। इसके अलावा इन प्रॉजेक्ट्स के तहत भारत का सबसे लंबा डबल डेकर रेल-कम-रोड पुल, एक काफी लंबी रेल सुरंग और खंभों पर टिका दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल बनाने की योजना है। 


 

 

 

उत्तर पूर्व के सीमावर्ती राज्यों में इन रेल लाइनों के माध्यम से आने वाले वर्षों में भारत म्यांमार और बांग्लादेश के साथ नए रेल लिंक भी जोड़ेगा। रेलवे ने अरुणाचल प्रदेश में 180 किलोमीटर की रेलवे लाइन की भी योजना बनाई है, जो तवांग में चीन सीमा तक कनेक्टिविटी देगी। इसके अलावा मणिपुर में इंफाल से म्यांमार सीमा पर मोरेह तक एक और रेल लाइन बनाई जाएगी। त्रिपुरा और बांग्लादेश को अगरतला में जोडऩे वाले एक रेल लिंक का भी निर्माण किया जाएगा। ये लाइनें गुवाहाटी में मौजूदा परिचालन नेटवर्क के साथ सभी उत्तर पूर्व राज्यों की राजधानियों को जोड़ेंगी। 



 

पूर्वोत्तर फ्रंटियर रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इससे उत्तर पूर्वी राज्यों और देश के अन्य राज्यों के बीच यात्रा का समय काफी घटेगा। इससे लोगों को सस्ता विकल्प मिलेगा और माल ढुलाई को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि कई सामरिक लाइनें भी हैं, जो रक्षा बलों की मदद करेंगी। असम, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा पहले से ही रेल से जुड़े हैं, जबकि मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, सिक्किम और नगालैंड की राजधानियां अभी तक नहीं जुड़ी हैं। रेलवे मणिपुर में इम्फाल को जोडऩे के लिए असम सीमा पर स्थित मणिपुर के जिरीबाम से 111 किलोमीटर की रेल लाइन भी बना रहा है। 



 

अधिकारी ने बताया कि इम्फाल के जरिए हम म्यांमार सीमा पर मोरेह तक भी पहुंच सकते हैं। इस लाइन के बारे में स्टडी की गई है। इम्फाल से इसकी दूरी लगभग 100 किमी है। रेलवे त्रिपुरा के अगरतला में बांग्लादेश से लिंक बना रहा है, जो त्रिपुरा और कोलकाता की यात्रा में लगने वाले मौजूदा 24 घंटों के समय को 10 घंटे से भी कम कम कर देगा। रेलवे बोर्ड के प्रवक्ता वेद प्रकाश ने कहा कि इसके साथ ही मेघालय, मिजोरम, नगालैंड और सिक्किम के राजधानियों में भी रेल लाइनों का निर्माण करने का काम चल रहा है। इनमें से अधिकतर लाइनें गुवाहाटी से जुड़ेंगी और ये साल 2020 तक पूरी हो जाएंगी।