शहीद का शव देख उमड़ा आंसुओं का सैलाब, भारत माता की जय से गूंजा सारा आकाश

Daily news network Posted: 2018-03-31 08:57:37 IST Updated: 2018-03-31 08:57:37 IST
शहीद का शव देख उमड़ा आंसुओं का सैलाब, भारत माता की जय से गूंजा सारा आकाश
  • अरुणाचल प्रदेश में ग्रेनेड फटने से सैनिक कमल की मौत ने ना सिर्फ उनके परिवार को बल्कि उनकी पूरी बटालियन को सदमें में डाल दिया है।

ईटानगर

अरुणाचल प्रदेश में ग्रेनेड फटने से सैनिक कमल की मौत ने ना सिर्फ उनके परिवार को बल्कि उनकी पूरी बटालियन को सदमें में डाल दिया है। शुक्रवार को जब उनका पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचा तो पूरा माहौल भारत माता की जय और शहीद कमल देशवाल अमर रहे के उद्घोषों से गूंज उठा।


 

 सैनिक कमल की पूर्ण सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई। पुलिस बल ने मातमी धुन बजाई और सैनिक टुकड़ी ने हवा में गोलियां चलाकर व शस्त्र झुकाकर अपने साथी को अंतिम सलामी दी। हजारों लोगों ने अंतिम यात्रा में शामिल होकर अपने लाल को श्रद्धांजलि दी। बड़े भाई जितेंद्र ने मुखाग्नि दी। पूरा गांव शहीद कमल अमर रहे के जयकारों से गूंज उठा।

 

 खेड़ी जसौर निवासी कमल देशवाल राज राइफल-5 में था। फिलहाल कमल अरुणाचल प्रदेश में चीन बॉर्डर के निकट तैनात था। बुधवार की सुबह कमल अपने दो साथियों के साथ टेंट में आराम कर रहे थे तभी स्पार्किंग की वजह से टेंट में आग लग गई और पास रखे ग्रेनेड फट गए। हादसे में तीनों सैनिकों की मौत हो गई। कमल की मौत की सूचना मिली तो परिजनों व ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई।


 पार्थिव शरीर पहुंचा बहादुरगढ़

 

 शुक्रवार की सुबह दिल्ली से कमल का पार्थिव शरीर बहादुरगढ़ पहुंचा। यहां से सैकड़ों लोग कमल के पार्थिव शरीर को लेकर खेड़ी जसौर पहुंचे। तिरंगे में लिपटे अपने बेटे का शव देखकर मां अनिता फूट-फूटकर रोने लगी। परिजनों को दर्शन कराने के बाद शवयात्रा शुरू हुई। बुजुर्गों, महिलाओं और बालकों सभी ने सम्मान पूर्वक शीश झुकाया। श्मशान भूमि में पार्थिव शरीर को चिता पर रखने के बाद पुलिस टुकड़ी ने मातमी धुन बजाई। राज राइफल के जवानों ने हवा में गोलियां चलाईं और शस्त्र झुकाकर अपने साथी को अंतिम सलामी दी। बड़े भाई जितेंद्र ने कमल के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी।

 


 

 अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जन सैलाब

 

 अपने लाल के अंतिम दर्शन के लिए पूरा गांव उमड़ा पड़ा। लोहारहेड़ी, आसौदा, जाखोदा, कुलासी व बहादुरगढ़ से भी लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। भारत माता की जय, शहीद कमल देशवाल की जय, शहीद कमल अमर रहे, जब तक सूरज चांद रहेगा-भाई कमल का नाम रहेगा आदि उद्घोषों से गांव गूंज उठा। ग्रामीण विशाल देशवाल ने कहा कि भाई कमल हमारे दिल में वो हमेशा जिंदा रहेगा।

 


 

 15 दिन में आने वाला था छुट्टी पर

 कमल के साथी विक्की देशवाल ने कहा कि हादसे से एक दिन पहले ही उनकी कमल से बात हुई थी। तब उसने कहा था कि अगले कुछ दिनों में पहाड़ी से नीचे उतरेंगे। करीब 15 दिन बाद छुट्टी लेकर घर आउंगा। बकौल विक्की, उन्हें नहीं पता था कि बात होने के एक दिन बाद ही कमल उनके बीच नहीं रहेगा।

 

 


 देश ने खोया होनहार सैनिक : सूबेदार

 सूबेदार सोमवीर ने कहा कि कमल ऑप्रेशनल इलाके में तैनात था। मौसम खराब होने की वजह से शार्ट सर्किट हुआ और हादसा हो गया। कमल बहुत अच्छा कबड्डी खिलाड़ी और जिंदादिल शख्स था। हमने एक होनहार जवान खो दिया है। विधायक नरेश कौशिक, भाजपा जिलाध्यक्ष बिजेंद्र दलाल व राजेश जून ने भी पुष्प अर्पित कर कमल देशवाल को श्रद्धांजलि अर्पित की।