IAF के दल ने रचा एक और इतिहास, पैदल तय कर डाली 4500 किमी की दूरी

Daily news network Posted: 2019-11-08 12:01:45 IST Updated: 2019-11-08 12:43:55 IST
IAF के दल ने रचा एक और इतिहास, पैदल तय कर डाली 4500 किमी की दूरी
  • भारतीय वायु सेना ने एक और कीर्तिमान हासिल किया है।

कोहिमा

भारतीय वायु सेना ने एक और कीर्तिमान हासिल किया है। दरअसल कारगिल विजय के 20 साल पूरे हो गए हैं। इसके पूरे होने पर भारतीय वायु सेना की ओर से आयोजित ग्लोरी रन में सेना के दल ने इतिहास रचते हुए 4500 किलोमीटर की दूरी  सिर्फ 45 दिन में दौड़ कर तय की है।

 

 

 

आपको बता दें कि इस दौड़ में ग्लोरी रन में कार्पोरल राकेश कुमार सारण और ओमप्रकाश सारण भी मुख्य धावक के रूप में दौड़े। राकेश सारण नाल वायु सेना स्टेशन में तैनात है, जबकि ओमप्रकाश सारण दिल्ली में सेवारत हैं।

 

 


हर दिन लगाई 100 किमी की दौड़

 

21 सितंबर 2019 को कारगिल युद्ध स्मारक द्रास से ग्लोरी रन टीम ने प्रत्येक दिन 100 किलोमीटर की दौड़ लगा कर 5 नवंबर को कोहिमा (नागालैंड) युद्ध स्मारक पर परचम लहराया। द्रास से ग्लोरी रन टीम को एयर वाइस मार्शल पीएम सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। कोहिमा युद्ध स्मारक पर टीम से नागालैंड के राज्यपाल आर एन रवि, एयर मार्शल आर डी माथुर व एयर वाइस मार्शल बी चंद्रशेखर ने मुलाकात की। बता दें कि टीम का नेतृत्व सुखोई 30 के पायलट स्क्वाड्रन लीडर सुरेश राजदान ने किया।

 

 


इन राज्यों से होकर गुजरी टीम

 

टीम ने ग्लाेरी रन जम्मू कश्मीर की पहाड़ियों एवं माइनस डिग्री वाले तापमान से हो कर हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल व असम होते हुए नागालैंड की राजधानी कोहिमा के कोहिमा युद्ध स्मारक पर पूरी की।

 


ये थे मुख्य उद्देश्य

ग्लोरी रन के मुख्य उद्देश्यों में सिविलियन्स को भारतीय वायु सेना के बारे में जानकारी व कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने के अलावा पैदल यात्री सुरक्षा के बारे में जागरूकता तथा स्वच्छ भारत एवं स्वस्थ भारत को प्रोत्साहित करना और फिट इंडिया मूवमेंट को बढ़ावा देना है।