डोकलाम पर भारत देगा चीन को मुंहतोड़ जवाब, अब शुरू होगा वॉरगेम

Daily news network Posted: 2018-04-06 09:50:27 IST Updated: 2018-06-26 12:30:07 IST
डोकलाम पर भारत देगा चीन को मुंहतोड़ जवाब, अब शुरू होगा वॉरगेम
  • अरुणाचल प्रदेश और डोकलाम पर चीन के नाकाम इरादों को देखते हुए भारत ने सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है, साथ ही साथ अब वह पूरी दुनिया को अपनी सैन्य ताकत दिखाने जा रहा है

ईटानगर

अरुणाचल प्रदेश और डोकलाम पर चीन के नाकाम इरादों को देखते हुए भारत ने सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है, साथ ही साथ अब वह पूरी दुनिया को अपनी सैन्य ताकत दिखाने जा रहा है, जिसके लिए वायुसेना अभी तक का अपना सबसे बड़ा युद्धाभ्यास करने जा रही है। रविवार से शुरू होने वाला यह वॉरगेम व्यापक पैमाने पर होगा। पाक सीमा, चीन सीमा समेत पूरे देश में वायु सेना की सभी ऑपरेशनल कमांड और उनके संसाधन इस युद्धाभ्यास में हिस्सा लेंगे और दुनिया  को भारत की ताकत से रूबरू करवाएंगे। 15 दिन चलने वाले इस अभ्यास को ‘गगन शक्ति’ नाम दिया गया है।

 

 



“गगन शक्ति’ के साथ कई विशेषताएं जुड़ी हैं। देश का अपना फाइटर जेट तेजस पहली बार किसी अभ्यास में हिस्सा लेगा। ‘फ्लाइंग ड्रैगर’ स्क्वाड्रन में उड़ान भरने वाला तेजस अपने समकक्ष मिग-21 लड़ाकू विमानों के साथ आकाश में पहली बार अपने तीखे दांत दिखाएगा। एयर फोर्स के हजार विमान अभ्यास में होंगे शामिल, इनमें 600 से ज्यादा फाइटर जेट के साथ साथ पांच तेजस विमान वायुसेना में उड़ान भर रहे हैं। दूसरी बड़ी खासियत यह है कि इसमें देश की तीनों महिला फाइटर- अवनी चतुर्वेदी, भावना कांत और मोहना सिंह अपने पहले युद्धाभ्यास में शामिल होंगी। उनकी हिस्सेदारी अलग-अलग स्तर पर होगी। फ्लाइंग ऑफिसर अवनी मिग-21 में अकेले उड़ान भरने का इतिहास रच चुकी हैं और उनके बाद यही उपलब्धि भावना हासिल कर चुकी हैं।

 


 

 वॉरगेम के चार अहम हिस्से


1. रेड, ब्लू और व्हाइट फोर्स में बंटेगी वायुसेना


वायु सेना के एक अधिकारी ने बताया कि पंद्रह दिन तक पूरी वायु सेना रेड फोर्स, ब्लू फोर्स और व्हाइट फोर्स में बंट जाएगी। ब्लू फोर्स देश की रक्षा के लिए होगी, रेड फोर्स दुश्मन की मानी जाएगी और व्हाइट फोर्स रेफरी की भूमिका निभाएगी। इसी तरह देश को भी ‘अपने’’ और दुश्मन के इलाके में बांटा जाएगा।

 


 2 . लद्दाख से अरुणाचल तक गरजेंगे फाइटर, तेजस और सुखाेई पर रहेगी नजर


इसमें खास तौर से पूर्वी सेक्टर (नॉर्थ ईस्ट) पर जोर रहेगा। लद्दाख से लेकर उत्तराखंड और अरुणाचल तक फाइटरों की गर्जना होगी और सटीक बॉम्बिंग, सर्जिकल स्ट्राइक और नेटवर्क सेंट्रिक वारफेयर के अभ्यास भी गगनशक्ति में परखे जाएंगे। खास नजर तेजस पर होगी। इसके अलावा हाल ही में ब्रह्मोस दागकर चर्चा में आए सुखाेई विमान की भी परीक्षा होगी। सुखोई ने हवा से हवा में ब्रह्मोस दागकर अपनी ताकत का परिचय दिया था।

 


 3 . अटैक और काउंटर अटैक पर पैनी निगाह


अटैक और काउंटर अटैक को व्हाइट फोर्स पैनी नजर से देखकर रिकॉर्ड करेगी और सभी नतीजों को बाद के विश्लेषण के लिए दर्ज किया जाएगा। इन परिणामों से देखा जाएगा कि ब्लू फोर्स ने कितने सफल अटैक किए, दुश्मन के कितने ठिकानों को तबाह किया और कितने विमानों को मार गिराया।

 


 4 . मिसाइल कहां वार करेगी, परखा जाएगा

 

 इन सभी हमलों को ‘इलैक्ट्रॉनिक किल’’ के जरिए रिकॉर्ड किया जाता है। यानी हमला बोलने का इलैक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड दर्ज होता है जिसमें यह पता चलता है कि जिस प्वाइंट से मिसाइल विमान से दागी गई, अगर असली में हमला होता तो वह कहां जाकर वार करती।

 



एयरफोर्स के करीब एक हजार विमान इस अभ्यास में शामिल होंगे। इनमें 600 से अधिक फाइटर जेट जैसे मिग-21, मिग-29, जगुआर, मिराज, सुखोई 30 एमकेआई और तेजस शामिल हैं। इसके अलावा स्ट्रेटेजिक परिवहन विमान सी-17 ग्लोब मास्टर, सी-130 जे सुपर हर्क्यूलिस, अत्याधुनिक हेलीकॉप्टर सी-17 वी 5 और अनेक अनमैंड एयरक्राफ्ट भी इस वॉरगेम का हिस्सा होंगे।