मूल चिंताओं का समाधान हुए बिना चीन के साथ भारत नहीं करेगा सहयोग

Daily news network Posted: 2018-04-05 22:19:36 IST Updated: 2018-06-24 17:10:16 IST
मूल चिंताओं का समाधान हुए बिना चीन के साथ भारत नहीं करेगा सहयोग
  • भारत ने गुरुवार को दोहराया कि वह चीन की वन बेल्ट वन रोड पहल में तब तक सहयोग नहीं कर सकता जब तक उसकी संप्रभुता और प्रादेशिक अखंडता की मूल चिंताओं का समाधान नहीं होता।

नई दिल्ली।

भारत ने गुरुवार को दोहराया कि वह चीन की वन बेल्ट वन रोड पहल में तब तक सहयोग नहीं कर सकता जब तक उसकी संप्रभुता और प्रादेशिक अखंडता की मूल चिंताओं का समाधान नहीं होता।

 


 विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने गुरुवार को यहां एक सवाल के जवाब में संवाददाताओं से कहा, 'हमने उन मीडिया रिपोर्टों को देखा है जो चीन के साथ वन बेल्ट वन रोड पहल को लेकर हमारे सहयोग के बारे में संभावना पर आधारित हैं।'


 उन्होंने कहा कि इस विषय पर भारत का पक्ष बिलकुल स्पष्ट है। तथाकथित चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे से भारत की संप्रभुता और प्रादेशिक अखंडता का उल्लंघन होता है। कोई भी देश ऐसी किसी परियोजना को स्वीकार नहीं कर सकता जो उसकी संप्रभुता और प्रादेशिक अखंडता की मूल चिंताओं की अनदेखी करती है।

 


 कुमार ने कहा, 'हमारा पक्का विश्वास है कि कनेक्टिविटी की कोई भी पहल अंतरराष्ट्रीय नियमों, सुशासन, कानून का राज, खुलापन, पारदर्शिता और समानता पर आधारित होनी चाहिए तथा उसको इस तरह से आगे बढ़ाया जाना चाहिए जिससे संप्रभुता और प्रादेशिक अखंडता का सम्मान हो।'


 बता दें कि सिक्किम से सटे डोकलाम और अरुणाचल प्रदेश के सीमा क्षेत्रों में चीन अपनी गंदी राजनीति से बाज नहीं आ रहा है। पिछले साल डोकलाम में चीन और भारत की सेनाएं 70 दिनों से ज्यादा के लिए आमने-सामने आ गई थी। जिससे दोनों देशों के रिश्ते में खटास आ गई थी।