मेघालय की परियोजना के लिए विश्व बैंक देगा 4.8 करोड़ डॉलर

Daily news network Posted: 2018-04-17 09:44:58 IST Updated: 2018-04-17 09:44:58 IST
मेघालय की परियोजना के लिए विश्व बैंक देगा 4.8 करोड़ डॉलर
  • मेघालय में कम्युनिटी लेड लैंड्स्पेक मैनेजमेंट प्रोजेक्ट (एमसीएलएलएमपी) के लिए विश्व बैंक 4.8 करोड़ डॉलर का ऋण देगा।

शिलॉन्ग।

मेघालय में कम्युनिटी लेड लैंड्स्पेक मैनेजमेंट प्रोजेक्ट (एमसीएलएलएमपी) के लिए विश्व बैंक 4.8 करोड़ डॉलर का ऋण देगा। आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस संबंध में यहां एक करार पर हस्ताक्षर किए गए, जिस पर भारत सरकार की ओर से आर्थिक मामलों के विभाग के संयुक्त सचिव समीर कुमार खरे, विश्व बैंक की ओर से उसके भारत में प्रभारी कंट्री निदेशक हिशाम ए अब्दो कहीन और मेघालय सरकार की ओर से आयुक्त एवं सचिव तथा मेघालय बेसिन डेवलपमेंट ऑथीरिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी संपत कुमार ने हस्तारक्षर किये। 



 

इस परियोजना के तहत मेघालय में कम्युनिटी लेड लैंड्स्पेक प्रबंधन किया जायेगा। इस परियोजना को 30 जून 2023 तक पूरा किया जायेगा। राज्य के उपलब्ध प्रचुर प्राकृतिक संसाधन के रखरखाव एवं उपयोग के बेहतर प्रबंधन के लिए यह परियोजना शुरू की जायेगी। बता दें कि विश्व बैंक ने  पिछले साल बजट के बेहतर इस्तेमाल और कर के कुशल प्रबंधन के लिए असम स्टेट पब्लिक फाइनेंस इंस्टिट्यूशनल रिफॉम्र्स प्रॉजेक्ट के तहत 44 मिलियन डॉलर के लोन को स्वीकृति दे दी थी। राज्य के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने अपने इस महत्वाकांक्षी प्रॉजेक्ट का समर्थन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया था। राज्य के वित्त मंत्री हिमन्त बिस्वा सर्मा ने कहा था कि राज्य सरकार 283 करोड़ रुपये के प्रॉजेक्ट को असम के लोगों को समर्पित कर देगी। उन्होंने विश्वास जताया था कि इस प्रॉजेक्ट से राज्य में सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन में बदलाव आएगा। 



 

दूसरी तरफ विश्व बैंक का कहना है कि भारत को अपनी रोजगार दर बरकरार रखने के लिए सालाना 81 लाख रोजगार पैदा करने की आवश्यकता है। विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि देश की आर्थिक वृद्धि चालू वित्त वर्ष में 7.3 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जिसके आगामी दो साल में बढ़कर 7.5 प्रतिशत होने का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत नोटबंदी और जीएसटी व्यवस्था के नकारात्मक प्रभाव से बाहर आ चुका है। साल में दो बार जारी होने वाली साउथ एशिया इकोनॉमिक फोकस रिपोर्ट-जॉबलेस ग्रोथ में बैंक ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में सुधार की बदौलत इस क्षेत्र ने दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्र का दर्जा फिर से हासिल कर लिया है।