Hockey: टीम के कई खिलाड़ी हैं चोटिल, फिर भी ओलंपिक क्वालिफायर के लिए कप्तान विश्वस्त

Daily news network Posted: 2019-07-20 13:39:00 IST Updated: 2019-07-20 21:27:11 IST
  • पुरूष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह ने कहा है कि उनकी टीम 2020 टोक्यो ओलंपिक के क्वालिफायर मुकाबलों के लिए कमर कस चुकी है और उन्हें इस बात की चिंता नहीं है कि विपक्षी टीम कौन होंगी।

दिल्ली

पुरूष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह ने कहा है कि उनकी टीम 2020 टोक्यो ओलंपिक के क्वालिफायर मुकाबलों के लिए कमर कस चुकी है और उन्हें इस बात की चिंता नहीं है कि विपक्षी टीम कौन होंगी। भारतीय टीम के लिए अगले तीन महीने काफी महत्वपूर्ण हैं और उसका कोर ग्रुप लगातार अपनी कमजोरियां तथा ताकत पर काम कर रही है।

 


कप्तान मनप्रीत ने ओलंपिक क्वालिफायर की तैयारियों को लेकर कहा, ‘हमारे लिए अगले तीन महीने काफी अहम होने वाले हैं। हमारा पूरा ध्यान नवंबर में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना है। पुरूष टीम फिलहाल राष्ट्रीय शिविर में 17 अगस्त से शुरू होने वाले आगामी ओलंपिक टेस्ट इवेंट के लिए तैयारी कर रही है जिसमें न्यूजीलैंड, मलेशिया और मेजबान जापान अन्य टीमें हैं।

 


इस दौरे के बाद सितंबर में वह बेल्जियम के दौरे पर जाएगी। कप्तान ने कहा, ‘ग्राहम रीड पिछले कई वर्षों से भारतीय टीम के खेल को देख रहे हैं और हमारे खेल को भी समझते हैं। वह हमारे खेल में बदलाव करने के बजाय उसे मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। हमारा ध्यान डिफेंस को बेहतर करने और अच्छे से गेम को समाप्त करने पर हैं।

 


 गौर हो कि टीम में कई खिलाड़ी चोटिल हैं जिनमें मिडफील्डर चिंगलेनसाना सिंह अभी भी एढ़ी के फ्रेक्चर से उबर नहीं पाये हैं जबकि फारवर्ड ललित उपाध्याय पीठ में दर्द से जूझ रहे हैं। इसके अलावा सुमित रिहैब में है, उन्हें एफआईएच फाइनल्स में चोट लग गयी थी। कप्तान का हालांकि मानना है कि उनकी टीम मजबूत है जो अंतरराष्ट्रीय हॉकी का दबाव झेल सकती है। उन्होंने कहा,''हम इन खिलाड़यिों की कमी महसूस कर रहे हैं और उम्मीद है कि ओलंपिक क्वालिफायर तक वे ठीक हो जाएंगे।

 

 


लेकिन हमारे कोर ग्रुप में कई अनुभवी खिलाड़ी भी हैं जो अपना 100 फीसदी प्रदर्शन कर टीम के लिये मददगार साबित हो सकते हैं। मनप्रीत ने कहा,'' हमारा पूरा ध्यान केवल ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करना है। हम अभी किसी और बात का दबाव नहीं लेना चाहते हैं और न ही इस बात की चिंता है कि हमारा विपक्षी कौन होगा। हम केवल अपनी कमियों को सुधारने पर ध्यान दे रहे हैं।