क्या बीजेपी-आरएसएस को छोड़ना पड़ जाएगा ये राज्य?, मिली ऐसी चेतावनी

Daily news network Posted: 2018-05-13 13:55:41 IST Updated: 2018-06-04 22:05:34 IST
क्या बीजेपी-आरएसएस को छोड़ना पड़ जाएगा ये राज्य?, मिली ऐसी चेतावनी
  • कृषक मुक्ति संग्राम समिति(केएमएसएस) नेता अखिल गोगोई ने गुरुवार को मोरान में चाय जनजाति मुक्ति संग्राम समिति के सामने अपील की कि यदि प्रस्तावित नागरिकता(संशोधन) विधेयक, 2016 पारित हो जाता है तो...

गुवाहाटी/मोरान।

कृषक मुक्ति संग्राम समिति(केएमएसएस) नेता अखिल गोगोई ने गुरुवार को मोरान में चाय जनजाति मुक्ति संग्राम समिति के सामने अपील की कि यदि प्रस्तावित नागरिकता(संशोधन) विधेयक, 2016 पारित हो जाता है तो बीजेपी और आरएसएस दोनों को असम से अपने बोरिया बिस्तर के साथ जाना होगा।



केएमएसएस नेता अखिल गोगोई ने असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के सामने अपील की कि उन्हें असम कैबिनेट में अवैध बांग्लादेशियों का वापस भेजने के लिए इस मुद्दे को उठाना चाहिए। यदि बीजेपी या आरएसएस या केंद्र सरकार इस बात को नहीं मानती है तो सोनोवाल को मुख्यमंत्री के रूप में अपनी कुर्सी छोड़नी होगी और प्रस्तावित नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2016 के खिलाफ लड़ने में असम के लोगों के साथ आना होगा।

 


 केएमएसएस नेता ने असम गण परिषद (एजीपी) से भी आग्रह किया कि वह इस मुद्दे को मंत्रिमंडल में उठाए। अगर सरकार बात नहीं मानती है तो एजीपी को भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने की भी अपील की।

 


 बता दें कि इससे पहले अखिल गोगोई ने नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2016 को वापस नहीं लेने पर राज्य में फिर से आंदोलन करने की चेतावनी दी थी। गोगोई ने सोमवार को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) में सुनवाई के दौरान अखिल ने कहा था, 'असम के लोगों की जातीय पहचान और संप्रभुता की रक्षा के लिए हथियार उठाना होगा।

 


 उन्होंने कहा था असमिया लोगों पर फिर से विदेशियों को थोपा नहीं जा सकता है और लोग संप्रभुता की मांग करेंगे। हम असम को 1.5 करोड़ हिंदू बांग्लादेशियों का डंपिंग ग्राउंड नहीं बना सकते हैं और इसलिए जब तक इसे वापस नहीं लिया जाता है तब तक हम लड़ेंगे।