बार्डर पर रह रहे भारतीय नागरिकों को दिए जाएंगे पहचान पत्र

Daily news network Posted: 2019-02-11 11:02:52 IST Updated: 2019-02-12 08:28:14 IST
बार्डर पर रह रहे भारतीय नागरिकों को दिए जाएंगे पहचान पत्र
  • गृह मंत्रालय ने सीमावर्ती क्षेत्रों मे घुसपैठ के मामलों मे वृद्धि के चलते एक घोषणा की है। सरकार ने देश के सीमावर्ती जिलों मे रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को पहचान पत्र जारी करने का फैसला किया है।

नई दिल्ली

गृह मंत्रालय ने सीमावर्ती क्षेत्रों मे घुसपैठ के मामलों मे वृद्धि के चलते एक घोषणा की है। सरकार ने देश के सीमावर्ती जिलों मे रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को पहचान पत्र जारी करने का फैसला किया है। इस संबंध में विस्तृत योजना तैयार की जा रही है। गृह मंत्रालय ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। मंत्रालय के आकड़ों के मुताबिक, साल 2016 से 2018 घुसपैठ की 371 घटनाएं सामने आई हैं।

 

 

गृह मंत्रालय के अनुसार, देश के सभी सीमावर्ती जिलोंं में रहने वाले भारतीय नागरिकों को पहचान पत्र जारी करने का सैंद्धांतिक अनुमोदन दिया जा चुका है। इस संबंध में विस्तृत योजना तैयार करने का जिम्मा भारत के महापंजीयकत को सौंपा गया है। इसके साथ ही सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम को मार्च 2020 तक जारी रखने की भी मंजूरी दी गई है।

 

 

 इन राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल शामिल हैं। भारत से बांग्लादेश, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, चीन और म्यांमार की सीमा लगती है। साल 2016 में भारत में घुसपैठ की 108 घटनाएं दर्ज की गईं जबकि 2017 में घुसपैठ की 123 घटनाएं तथा 2018 में 140 घटनाएं दर्ज की गईं।

 

 

पिछले तीन वर्षों में सबसे अधिक घुसपैठ की घटनाएं भारत-म्यामांर सीमा पर हुईं और इस क्षेत्र में एेसे 282 मामले दर्ज किए गए। इस अवधि में भारत पाकिस्तान सीमा क्षेत्र से घुसपैठ के 74 मामले, भारत नेपाल सीमा पर घुसपैठ की 12 घटनाएं और बांग्लादेश से लगी सीमा पर घुसपैठ के तीन मामले दर्ज किए गए। भारत-चीन सीमा तथा भारत-भूटान सीमा पर घुसपैठ के कोई मामले दर्ज नहीं किए गए।