चीन-पाकिस्तान को ताकत दिखाएगा भारत, 1100 लड़ाकू विमान करेंगे सबसे बड़ा युद्धाभ्यास

Daily news network Posted: 2018-04-07 11:44:16 IST Updated: 2018-04-07 12:27:18 IST
चीन-पाकिस्तान को ताकत दिखाएगा भारत, 1100 लड़ाकू विमान करेंगे सबसे बड़ा युद्धाभ्यास
  • भारतीय वायु सेना चीन और पाकिस्तान को अपनी ताकत दिखाने के लिए सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरु करेगी।

गुवाहाटी।

 भारतीय वायु सेना चीन और पाकिस्तान को अपनी ताकत दिखाने के लिए सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरु करेगी। गगन शक्ति 2018 नाम से यह अभ्यास 10 अप्रैल से 23 अप्रैल के बीच होगा। एयरफोर्स चीफ के आदेश पर एयर फोर्स 48 घंटे के भीतर अपने साजोसामान को युद्ध की तरह रवाना करेगी। आपको बता दें कि भारतीय वायुसेना युद्ध के हालात की तैयारी के लिए 1100 से ज्यादा लड़ाकू, परिवहन और रोटरी विंग (हेलिकॉप्टर) एयरक्राफ्ट को इस अभ्यास में शामिल करेगी।


 


पाकिस्तान को दी गई सूचना

अभ्यास के पहले चरण में उत्तरी सीमा पर फोकस होगा और पश्चिमी सीमा के पास दूसरे चरण में युद्ध जैसी स्थिति के मामले में तैयारियों की जांच की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत पाकिस्तान को इस बारे में अवगत कराया जा चुका है। वायु सेना ने एक बयान में कहा कि इस अभ्यास का मकसद जल्द और भीषण युद्ध की परिस्थिति में वायु ताकत में समन्वयए तैनाती को परखना है। पाकिस्तान से लगती पश्चिमी सीमा और उत्तरी क्षेत्रों में चीन से लगती सीमा पर यह अभ्यास दिन और रात दोनों ही हालात में होगा। पहली बार, भारत का स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस भी युद्धाभ्यास में हिस्सा लेगा और यह आक्रामक व रक्षात्मक दोनों भूमिकाएं निभाएगा। नौसेना का मैरीटाइम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट मिग 29 भी इस युद्धाभ्यास में शामिल होगा।


 


300 से ज्यादा अधिकारियों और 1500 से ज्यादा एयरमेन को रवाना

इस युद्धाभ्यास में भारत की लड़ाकू और रक्षात्मक दोनों तरह की क्षमताओं का प्रदर्शन होगा। महत्वपूर्ण यह भी है कि इंडियन एयरफोर्स जंग की तैयारियों को सभी तरह की परिस्थितियों (जैसे रेगिस्तान, ऊंचाई, समुद्री हालात) में और स्पेशल ऑपरेशंस को रियल टाइम में परखेगी। यह युद्धाभ्यास कितना बड़ा है, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एयर फोर्स के 300 से ज्यादा अधिकारियों और 1500 से ज्यादा एयरमेन को रवाना किया जाएगा। युद्ध के समय तीनों सेनाएं मिलकर दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दे सकें, इसके लिए इस बड़े अभ्यास में सेना और नौसेना भी शामिल होगी।


 


गुजरात से असम की ओर उड़ेंगे एयरक्राफ्ट

एयर कॉम्बैट ऑपरेशंस के दौरान गुजरात के भुज से एयरक्राफ्ट असम की ओर उड़ेंगे और बमबारी करेंगे। इसी प्रकार से असम से एयरक्राफ्ट राजस्थान के रेगिस्तान की ओर उड़कर बमबारी को अंजाम देंगे। इसके साथ ही सैनिकों की टुकड़ी और सैन्य साजोसामान का इंटर-वैली ट्रांसफर भी होगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बतायाए श्यह युद्धाभ्यास 20 हजार फीट की ऊंचाई से लेकर गर्म रेगिस्तान और समुद्री हालात में भी किया जाएगा। हम एयर फोर्स की सभी फायरिंग रेंज का इस्तेमाल कर रहे हैं। वायु सेना के जेट अलग-अलग तरह के ग्राउंड पर उतरेंगे।

 

 



110 लड़ाकू विमान खरीदने की प्रक्रिया शुरू

वहीं भारतीय वायुसेना की ताकत बढऩे जा रही है। भारत ने शुक्रवार को 110 लड़ाकू विमानों के बेड़े की खरीद की प्रक्रिया शुरू की। हालिया साल में यह दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य खरीदारी में एक हो सकती है। वायु सेना ने अरबों डॉलर के खरीद सौदे के लिए आरएफआई (सूचना के लिए अनुरोध) या शुरूआती निविदा जारी की है। यह सौदा सरकार के मेक इन इंडिया पहल के साथ होगा। अधिकारियों ने कहा कि भारत में अत्याधुनिक रक्षा प्रौद्योगिकी लाने के मकसद से हाल में शुरू रणनीतिक भागीदारी मॉडल के तहत भारतीय कंपनी के साथ मिलकर विदेशी विमान निर्माता लड़ाकू विमानों का उत्पादन करेंगे। सौदे की स्पर्धा में लॉकहीड मार्टिन, बोइंगए साब और दसॉल्ट समेत अन्य सैन्य विमान निर्माता कंपनियों के शामिल होने की उम्मीद है।