नागरिकता विधेयक वापस होगा, तभी लेंगे पिता का भारत रत्न

Daily news network Posted: 2019-02-12 10:06:57 IST Updated: 2019-02-12 10:07:15 IST
नागरिकता विधेयक वापस होगा, तभी लेंगे पिता का भारत रत्न
  • मशहूर गायक भूपेन हजारिका को मरणोपरांत दिए गए देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न को लेने या ना लेने पर हजारिका परिवार दो धड़ों में बंट गया है।

गुवाहाटी

मशहूर गायक भूपेन हजारिका को मरणोपरांत दिए गए देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न को लेने या ना लेने पर हजारिका परिवार दो धड़ों में बंट गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि भूपेन हजारिका के बेटे तेज हजारिका ने पिता को दिए गए भारत रत्न को लेने से इनकार कर दिया है। उधर भूपेन हजारिका के भाई समर हजारिका और भाभी मनीषा हजारिका का साफ मत था कि भारत रत्न का अपमान नहीं करना चाहिए।

 


अमेरिका में रह रहे तेज हजारिका ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए स्थिति साफ की है। उन्होंने लिखा, 'कई पत्रकार मुझसे पूछ रहे हैं कि मैं अपने पिता को दिए गए भारत रत्न को स्वीकार करूंगा या नहीं? उन्हें बता दूं कि मुझे अभी तक इसको लेकर कोई निमंत्रण नहीं मिला है, तो अस्वीकार करने जैसा कुछ है ही नहीं अभी। दूसरी बात, केंद्र सरकार ने इस सम्मान को देने में जिस तरह की जल्दबाजी दिखाई है और जो समय चुना है वह और कुछ नहीं बस लोकप्रियता का फायदा उठाने का सस्ता तरीका है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि मैंने भारत रत्न देने को 'चीप थ्रिल' नहीं करार दिया है, बल्कि यह जिस समय दिया जा रहा है, उस पर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे समय में जब पूर्वोत्तर के लोग नागरिकता (संशोधन) विधेयक के विरोध में सड़कों पर है, उनके 'हीरो' को भारत रत्न देना सवाल खड़े करता है।


 तेज ने साफ किया कि वह अपने पिता को दिया गया भारत रत्न तभी लेंगे जब केंद्र सरकार नागरिकता (संशोधन) विधेयक को वापस लेगी। बता दें कि यह बिल मंगलवार को राज्यसभा में पेश किया जा सकता है। हालांकि परिवार इस पर एकमत नहीं है। भूपेन हजारिका के भाई समर हजारिका ने कहा, 'यह उनका (तेज का) निर्णय है, मेरा नहीं। खैर मुझे लगता है कि उन्हें भारत रत्न लेना चाहिए। वैसे भी इसमें बहुत देर हो चुकी है।'


 तेज हजारिका ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, 'मेरा मानना है कि मेरे पिता के नाम का ऐसे समय इस्तेमाल किया गया जब नागरिकता (संशोधन) विधेयक जैसे विवादित बिल को अलोकतांत्रिक तरीके से लाने की तैयारी की जा रही है। यह भूपेन दा की उस विचारधारा के बिल्कुल खिलाफ है जिसका उन्होंने हमेशा समर्थन किया। बता दें कि पिछले महीने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने भूपेन हजारिका, नानाजी देशमुख और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न से सम्मानित करने की घोषणा की थी।