"विधेयक के खिलाफ संग्राम करने के सिवाय अब और कोई चारा नहीं बचा है"

Daily news network Posted: 2019-01-03 12:23:35 IST Updated: 2019-01-03 13:29:19 IST
  • नागरिकता (संशोधन) विधेयक-2016 के विरोध में आज दूसरे दिन भी यहां राजगढ़ रोड स्थित शहीद पराग कुमार दास की मूर्ति के नीचे सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक प्रदर्शन हुआ।

गुवाहाटी।

नागरिकता (संशोधन) विधेयक-2016 के विरोध में आज दूसरे दिन भी यहां राजगढ़ रोड स्थित शहीद पराग कुमार दास की मूर्ति के नीचे सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक प्रदर्शन हुआ। इसमें भाग लेते हुए राज्य के डाॅ. हीरेन गोहाईं ने राज्यवासियों को इस विधेयक के विरोध में एकजुट होकर आंदोलन करने की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि सिर्फ वोट के लालच में भाजपा की सरकार ने असम और वृहत्तर असमिया जाति को बरबाद करने की साजिश की है।

 

 प्रदर्शन स्थल में उपस्थित तमाम लोगों को संबोधित करते हुए डाॅ. गोहाईं ने कहा कि असम के हर कोने में लोगों को छोटी-छोटी कमेटियों का गठन कर इस विधेयक के खिलाफ संग्राम करने के सिवाय अब और कोई चारा नहीं बचा है। एक समझौता विहीन आंदोलन का कोई विकल्प अब बचा नहीं है। इस मौके पर उपस्थित पूर्व मुख्यमंत्री तथा अगप के मौजुदा विधायक प्रफुल्ल कुमार महंत ने कहा कि भजपा सरकार की असमिया विरोधी साजिश के खिलाफ लोगों को एकजुट होकर इस आंदोलन को आगे ले जाना होगा।



उन्होंने कहा, इस मामले में मैं हमेशा असमवासियों के साथ हूं और रहूंगा। पहले स्वजाति की सुरक्षा, उसके बाद ही राजनीति। नहीं तो इतिहास हमें कतई माफ नहीं करेगा। अन्य एक बुद्धिजीवी उदयदित्य भराली ने जाति के इस संकट की घड़ी में सभी असमप्रेमी ताकतों को एकजुट होकर इस आंदोलन को आगे बढ़ाने पर बल दिया। विरोध प्रदर्शन के इस कार्यक्रम में असम आंदोलन के अन्यतम सलाहकार कुमुद शर्मा, स्तंभलेखक किशोर कुमार कलिता, गुवाहाटी उच्च न्यायालय के अधिवक्ता शांतनु बरठाकुर, नागरिकता कानून विरोधी मंच के संयोजक मनजीत महंत, समाजकर्मी टिनात आतिफा मासूद सहित अन्य कई विशिष्ट व्यक्ति, विद्यार्थी, नागरिक तथा राजनीतिक कर्मी उपस्थित थे।