भाजपा शासित राज्य में आया करोड़ों रुपए का निवेश, इन कंपनियों ने लगाया पैसा

Daily news network Posted: 2019-05-29 15:50:30 IST Updated: 2019-05-29 15:58:51 IST
भाजपा शासित राज्य में आया करोड़ों रुपए का निवेश, इन कंपनियों ने लगाया पैसा
  • मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने प्रदेश में निवेश के अनुकूल बनते माहौल को देखते हुए राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग से इज आॅफ डूइंग बिजनेस की सुविधा का उपयोग निवेश बढ़ाने में करने के लिए कहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा निवेशक यहां निवेश कर सकें...

गुवाहाटी

मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने प्रदेश में निवेश के अनुकूल बनते माहौल को देखते हुए राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य  विभाग से इज ऑफ डूइंग बिजनेस की सुविधा का उपयोग निवेश बढ़ाने में करने के लिए कहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा निवेशक यहां निवेश कर सकें। मुख्यमंत्री यहां एडवांटेज असम-वैश्विक निवेशक सम्मेलन से होने वाले फायदे की समीक्षा कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि वैश्विक सम्मेलन के आयोजन के बाद यहां विभिन्न क्षेत्रों में अब तक 57 हजार 437 करोड़ रुपए का निवेश हुआ है और 15 हजार 925 करोड़ रुपए के निवेश की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

 

 अब तक विनिर्माण क्षेत्र में पतंजलि, डाबर इंडिया लिमिटेड, इमामी हिंदूस्तान युनिलीवर, आईटीसी, ब्रिटेनिया और कई अन्य कंपनियों ने राज्य में अपना व्यावसायिक उत्पादन शुरू किया। इसके अलावा फर्मास्यूटिकल क्षेत्र में सन फार्मा, प्यूर एंड क्यूर, अजंता फार्मा और कई दूसरी कंपनियां अपना वाणिज्यिक उत्पादन कर रही है। होटल और अस्पतालों जैसे क्षेत्रों ने भी व्यवसाय के बदलते  माहौल का लाभ उठाना शुरू कर दिया है।

 



राज्य के उ्द्योग एवं वाणिज्य विभाग के मंत्री चंद्रमोहन पटवारी की मौजूदगी में विभागीय कामकाज की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के साथ दूसरे संबंधित विभागों से कहा कि वे कंपनियों के उत्पादन को बनाए रखने के लिए उचित माहौल बनाए रखने पर ध्यान दे। उन्होंने इज आॅफ डूईंग बिजनेस में और सुधार के लिए विभागीय अधिकारियों से व्यापार सुधार कार्य योजना बनाने के लिए कहा।


मालूम हो कि सोनोवाल सरकार ने सत्ता संभालते ही इज आॅफ डूइंग बिजनेस एक्ट 2016 के पास करवा दिया था। जिसके तहत एकल खिड़की के सहारे राज्य के 34 विभागों से जुड़े 405 कार्य एक साथ आॅनलाइन होता है और निवेशकों को एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय का चक्क्र लगाना पड़ता है।