असम NRC में बड़ा खुलासा, मुसलमानों से ज्यादा हिंदुओं ने लगाए हैं फर्जी दस्तावेज!

Daily news network Posted: 2019-08-26 10:03:30 IST Updated: 2019-08-26 17:06:32 IST
  • अंतिम एनआरसी सूची 31 अगस्त को प्रकाशित होने वाली है, जो असम के सही नागरिकों की पहचान करेगी।

असम में विवादास्पद एनआरसी से जुड़ा एक और मुद्दा सामने आया है। इसके अनुसार मुस्लिमों की तुलना में ज्यादातर हिंदुओं ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर में नाम दर्ज कराने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। इनमें ज्यादातर बंगाली हिंदू हैं। अंतिम एनआरसी सूची 31 अगस्त को प्रकाशित होने वाली है, जो असम के सही नागरिकों की पहचान करेगी।

 

 

 


एनआरसी को अपडेट करने की कवायद सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में पूरी की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि फर्जी दस्तावेज जमा करने वालों में ज्यादातर हिंदू आवेदक हैं। वास्तव में 50 फीसदी से ज्यादातर दस्तावेज जाली हैं। यह बहुत ही आश्चर्यजनक हैं क्योंकि हमें यह आभास था कि केवल संदिग्ध अवैध मुस्लिम प्रवासी एनआरसी में अपने नाम शामिल करने के लिए गलत दस्तावेज जमा करा रहे हैं, लेकिन दस्तावेजों की जांच-पड़ताल में ज्यादातर संदिग्ध हिंदुओं का पता चला है।

 

 


असम की भाजपा सरकार ने हाल ही में दावा किया था कि मुसलमानों से ज्यादातर हिंदुओं को एनआरसी के मसौदे से बाहर रखा गया था और सर्वोच्च सरकार ने एनसीआर से बाहर लोगों की जिला स्तर पर सूची राज्य विधानसभा में सौंपने का निर्देश दिया था। साथ ही अदालत ने कहा था कि इस तरह की सभी जानकारी सीलबंद लिफाफे में सौंपी जाए।