कांग्रेस में रहने के लिए हिंदू नेताओं को मांगना होगा आरक्षण

Daily news network Posted: 2019-02-03 12:34:46 IST Updated: 2019-02-03 12:34:46 IST
कांग्रेस में रहने के लिए हिंदू नेताओं को मांगना होगा आरक्षण
  • राज्य के वित्त, स्वास्थ्य व लोकनिर्माण मंत्री डाॅ. हिमंत विश्वकर्मा ने कहा कि 2016 के बाद कांग्रेस पार्टी में रहने के लिए हिंदू को आरक्षण मांगना होगा।

गुवाहाटी

राज्य के वित्त, स्वास्थ्य व लोकनिर्माण मंत्री डाॅ. हिमंत विश्वकर्मा ने कहा कि 2016 के बाद कांग्रेस पार्टी में रहने के लिए हिंदू को आरक्षण मांगना होगा। यहां के हजरापुखरी स्टेडियम में आयोजित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अधिवेशन को संबोधित करते हुए मंत्री डाॅ. शर्मा ने उपरोक्त आशय की बातें कहीं। उन्होंने सवाल उठाया कि धुबड़ी, दक्षिण सालमारा व ग्वालपाड़ा के विधायक कौन है? एनआरसी प्रकाशित होनेे के बाद असम में एेसी कोई ताकत नही होगी कि नई कांग्रेस पार्टी को सत्ता में आने से रोक पाएगी। ग्वालपाड़ा पूर्व बिलासीपाड़ा, जागीरोड, गोलकंगज, गौरीपुर समेत एक-एक क्षेत्र उन लोगों के हाथ में चले जा रहे हैं। वे जानते हैं कि 2026 में सत्ता में काबिज होंगे, किंतु उन्हें 2021 में ही सत्ता चाहिए।

 

 


मंत्री हिमंत ने कहा कि इस समय फेसबुक व ट्विटर पर मुझे गाली-गलौज करने वाले 80 प्रतिशत लोग विशेष समुदाय के हैं। वे भी बंगालियों की तरह पूर्व बंगाल से आने वाले लोग हैं। असम या भारत में किसे रहने दिया जाएगा या नहीं दिया जाएगा उसका फैसला अमसिया करेंगे। अगर इस जातीय आंदोलन में कोई साजिश ही नहीं तो इन सत्तर जातीय संगठनों में आम्सू क्यों शामिल है। हिमंत ने सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा के साथ गाली-गलौज करने वाले पूर्व बंगाल के मुसलमानों से मैं पूछना चाहता हूं कि आप लोगों को हिंदुओं ने कभी परेशान किया क्या? एेसा नहीं तो आप लोग विधेयक विरोधी आंदोलन में क्यों न्यूट्रल नहीं बने हैं?

 


 


उन्होंने ये भी कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक विरोधी मंच की ओर से दिल्ली में नग्न प्रदर्शन के दौरान महमूद अली की क्या भूमिका थी। असमिया के आंदोलन करने में हमें कोई आपत्ति नहीं। व्यक्तिगत तौर पर भी मैं किसी का विरोधी नहीं हूं। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्वी बंगाल के मुसलमानों ने पूर्व बंगाल के हिंदुओं की तरह जनगणना में अपनी मातृभाषा के तौर पर बांग्ला का ही उपयोग किया था।