हिमंत ने पूर्व मुख्यमंत्री गोगोई पर बोला हमला, सोनोवाल सरकार की उपलब्धि गिनाई

Daily news network Posted: 2018-04-06 14:30:04 IST Updated: 2018-04-06 14:30:04 IST
हिमंत ने पूर्व मुख्यमंत्री गोगोई पर बोला हमला, सोनोवाल सरकार की उपलब्धि गिनाई
  • असम के वित्त मंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने दावा किया है कि पिछले साल सरकार ने बजट निर्धारित राशि में से 70.49 फीसदी का रिकॉर्ड खर्च किया है।

गुवाहाटी।

पिछले वित्तीय वर्ष 2017-18 का लेखाजोखा पेश करते हुए असम के वित्त मंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने दावा किया है कि पिछले साल सरकार ने बजट निर्धारित राशि में से 70.49 फीसदी का रिकॉर्ड खर्च किया है। यानी बजट की कुल राशि 99,453 करोड़ में से सरकार ने 70,105 करोड़ खर्च किए हैं। वित्त मंत्री ने इसे एक नया रिकॉर्ड बताते हुए कहा कि साल भर में बजट निर्धारित राशि में से 70 फीसदी खर्च करना अपने आप में एक मील का पत्थर साबित हुआ है। 



वित्त मंत्री ने आरोपों का किया खंडन

भाजपा विधायक दल कार्यालय कक्ष में एक संवाददाता सम्मेलन में मंत्री ने उन आरोपों को निराधार बताया, जिनमें कहा गया था कि बजट निर्धारित राशि खर्च कर पाने में सरकार विफल हुई है और वित्त विभाग के पास धन ही नहीं है। शर्मा ने यह भी बताया कि साल 2016-17 में भी बजट निर्धारित राशि में से सोनोवाल सरकार ने 69.50 फीसदी खर्च करने में सक्षम हुई थी। इससे पहले तरुण गोगोई की नेतृत्व वाली सरकार के शासन में 2015-16 में खर्च का आंकड़ा 55 फीसदी था। 




सोनोवाल सरकार की उपलब्धि गिनाई

उन्होंने आंकड़ों के हवाले से दावा किया कि पूर्व सरकार की तुलना में सोनोवाल सरकार ने बजट निर्धारित राशि में अधिक फीसदी धन खर्च किया है जो कि अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि वित्त विभाग के पास विभिन्न विभागों से 13,161 करोड़ का सीलिंग प्रस्ताव आया था। इनमें से सिर्फ 381 प्रस्तावों को नकारा गया तथा शेष सभी विभागों के लिए 97 फीसदी धनराशि जारी कर दी गई थी। इनमें 18 बड़ी योजनाओं सहित कुल 22 योजनाएं शामिल थीं। 



इस बार बजट का 80 फीसदी खर्च करने का दावा

वित्त मंत्री ने पत्रकारों को बताया कि केंद्र सरकार जुलाई महीने में राज्यों को धनराशि जारी करती है, जबकि असम सरकार ने विभागों को 31 मार्च के भीतर ही राशि दे दी। उन्होंने बताया कि इस बार के बजट में निर्धारित राशि में से 80 फीसदी धन 2019 के 31 मार्च के भीतर खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है। मालूम हो कि पिछले मंगलवार को वित्त मंत्री ने साल 2017-18 के बजट से संबंधित अपनी एक रिपोर्ट सदन में पेश करने की घोषणा की थी। जबकि महा लेखापरीक्षक की ओर से विगत वित्तीय वर्ष के बजट पर रिपोर्ट आनी बाकी है।