Happy Bihu 2019: शुभकामना संदेश भेजकर अपनों को दें बीहू पर्व की बधाई

Daily news network Posted: 2019-04-15 10:21:40 IST Updated: 2019-04-15 10:21:40 IST
Happy Bihu 2019: शुभकामना संदेश भेजकर अपनों को दें बीहू पर्व की बधाई
  • सम का सबसे बड़ा पर्व बिहू 15 अप्रैल यानी सोमवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। किसान इस दिन मौसम की पहली फसल अपने घर लाते हैं। इस अवसर पर ईश्‍वर से सुख समृद्धि पाने के लिए पूजा की जाती है।

असम

असम का सबसे बड़ा पर्व बिहू 15 अप्रैल यानी सोमवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। किसान इस दिन मौसम की पहली फसल अपने घर लाते हैं। इस अवसर पर ईश्‍वर से सुख समृद्धि पाने के लिए पूजा की जाती है। खास मिठाई पीठा देकर दोस्‍तों और रिश्‍तेदारों को बधाई दी जाती है और लोकगीतों पर लोकनृत्‍य की परंपरा निभाई जाती है। अपने रिश्‍तेदारों और दोस्‍तों को यह संदेश भेजकर बीहू पर्व की शुभकामनाएं दें।

 

1 : पल पल से बनता है एहसास

एहसास से बनता है विश्‍वास

विश्‍वास से बनते हैं जहां के रिश्‍ते

और रिश्‍तों से बनता है आप जैसा खास

मुबारक हो आपको माघ का मास

 

2 : पर्व की पावन बेला में

है यही शुभ संदेश हमारा

हर रोज आए आपके जीवन में

लेकर खुशियां विशेष

हैप्‍पी रोंगाली बिहू

 

3 : नया सवेरा नई किरण के साथ

नया दिन प्‍यारी सी मुस्‍कान के साथ

आपको मुबारक हो त्‍योहार

ढेर सारी दुआओं के साथ

माघ बीहू की शुभकामनाएं।

 

 

4 : छोटों को करो प्यार

बड़ों को दो सम्मान

यह संकल्प लेकर

मनाओ बीहू का त्योहार

 

 

5 : नया दिन, नई सुबह

चलो मनाएं एक साथ

है यह बीहू त्‍योहार

दुआ करें रहें हम साथ साथ

 

6 : खुशियां आएं, सुख-समृद्धि आएं

घर आपके साक्षात भगवान पधारें

करके कृपा आप पर अपनी

हसरतें सारी आपकी पूरी करें

बीहू पर्व की खूब बधाई

 

 

बीहू पर्व असम का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। यह त्‍योहार साल में तीन बार मनाया जाता है। मान्‍यता है कि इस दिन खेतों से कटकर घर आई फसल की खुशी में ईष्‍ट देव शबराई की पूजा अर्चना की जाती है। इस पर्व पर लोग रंग बिरंगे कपड़े पहनते हैं और घरों को रंगोली से सजाते हैं। इस अवसर पर खास मिठाई पीठा बनाई जाती है। 

 

इसके अलावा तिल के लड्डू और नारियल के लड्डू भी बनाने की परंपरा है। असम के लोग इस दिन अपने ईष्‍ट देव शबराई का पूजन कर सुख समृद्धि का वरदान मांगते हैं। उन्‍हें तिल के लड्डू अर्पित किए जाते हैं। इसके अलावा किसान अपने जानवरों को भी पूजते हैं और उन्‍हें घर का भोजन खिलाते हैं। लोग प्रियजनों को फूल और गमछा भी भेंट करते हैं। नव युवक इस दिन ढोल, पेपा, गगना के धुनों पर नव युवतियों के साथ बिहू नृत्य करते हैं।