गुवाहाटी एयरपोर्ट का नजारा देखकर आप भूल जाएंगे 5 स्टार होटल

Daily news network Posted: 2018-04-13 15:39:59 IST Updated: 2018-04-13 17:36:27 IST
गुवाहाटी एयरपोर्ट का नजारा देखकर आप भूल जाएंगे 5 स्टार होटल
  • गुवाहाटी देश का इकलौता हवाई अड्डा है जो पूर्वोत्तर के 6 राज्यों को असम जोड़ता है और यही कारण है कि यह देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है।

गुवाहाटी

गुवाहाटी देश का इकलौता हवाई अड्डा है, जो पूर्वोत्तर के 6 राज्यों को असम से जोड़ता है और यही कारण है कि यह देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है। हालांकि सुविधा के नाम पर अभी भी गुवाहाटी हवाई अड्डा काफी पिछड़ा हुआ है, ऐसे में मोदी सरकार की एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत अब पूर्वोत्तर की काया पलट का काम चल रहा है। इससे अब जल्द ही गुवाहाटी एयरपोर्ट भी हाईटेक और सुविधाजनक बनने जा रहा है ।




केंद्र की एक्ट ईस्ट पॉलिसी के साथ गुवाहाटी दक्षिण पूर्व एशिया का व्यापार केंद्र बन गया है। फरवरी में असम सरकार ने गुवाहाटी से आसियान देशों के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू करने के लिए एयर एशिया से बात की थी। असम सरकार का यह कदम केंद्र की उड़ान द्वतीय योजना को राहत देता है, जो क्षेत्रीय हवाई संपर्क को प्रोत्साहित करता है।


 


 इंटीग्रेटेड टर्मिनल बिल्डिंग


गुवाहाटी के लिए नई इंटीग्रेटेड टर्मिनल बिल्डिंग की आधारशिला पूर्व केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री पी अशोक गजपति राजू और असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने जनवरी में रखी थी। टर्मिनल 42 एकड़ में फैला होगा और इसमें 100,000 वर्ग मीटर का एक निर्मित क्षेत्र होगा। भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण नई दिल्ली के डिजाइन इंटरनेशनल फोरम के जरिए इस पर काम शुरू कर चुका है। डिजाइन इंटरनेशनल फोरम के पार्टनर आनंद शर्मा ने बताया कि हम एक आगमन अनुभव बनाना चाहते थे, जिसमें सभी सात राज्यों की विरासत का प्रदर्शन किया गया। यात्री हवाई जहाज से उतरें तो क्षेत्र की कला और शिल्प द्वारा सजी दीवारों के साथ ऊंची जगह वाले नमस्कार लाउंज में उनका स्वागत हो।


 क्या-क्या होगा खास


बैगेज लेने वाली जगह तक जाने के लिए यात्रियों को इनडोर रेनफॉरेस्ट (चारदीवारी के वर्षावन) से गुजरना होगा, जो कि लगभग 90 फीट ऊंचा होगा। यह जगह बाहर लगे एक मोटे कांच से अलग होगी। बैगेज एरिया तक पहुंचने में यात्री को एक शिल्प ग्राम के फीचर दिखेंगे। यहां वास्तव में स्थानीय कलाकारों से काम लिया है, इसलिए यात्री उनसे बातचीत कर सकते हैं और हो सकता है कि वे करघे पर अपने हाथ भी आजमा सकें। हवाई अड्डा जापानी कला ओरिगामी से प्रेरित है। टर्मिनल के मूर्ति कला केंद्र में ग्रीक देवता इकारस का प्रभाव दिखेगा। वहां असम के चाय बागानों की कलाकृतियों वाले लैंडस्केप होंगे। हम यथासंभव टिकाऊ होने की कोशिश कर रहे हैं। आउटडोर कार पार्क में फोटोवोल्टिक पैनल्स 500 किलोवाट सौर ऊर्जा तैयार करेंगे।

 


 4 स्टार होगा एयरपोर्ट 

 

 हवाई अड्डा एकीकृत आवास मूल्यांकन की ग्रीन रेटिंग (GRIHA) मापदंडों में चार सितारा के अनुरूप होगा। हवाई अड्डे में वर्षा का जल संचित करने की भी सुविधा होगी। इस प्रकार एकत्र किए गए पानी का उपयोग आसपास की जगहों में सिंचाई के लिए किया जाएगा। अगर सब कुछ योजना के तहत चला तो, जिस नए टर्मिनल के लिए पिछले महीने काम शुरू हुआ है, उसका निर्माण 36 महीनों में हो जाएगा। मौजूदा संरचना को हाल ही में एक विस्तार मिला है। वर्तमान के आंकड़ों के मुताबिक प्रति वर्ष यह हवाई अड्डा लगभग 38 लाख यात्रियों को संभालता है और केवल एक अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन है।

 

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