चीन के साथ नए तनाव को हवा दे सकती है मोदी सरकार की यह योजना

Daily news network Posted: 2018-04-07 12:25:42 IST Updated: 2018-06-26 12:39:43 IST
चीन के साथ नए तनाव को हवा दे सकती है मोदी सरकार की यह योजना
  • केंद्र सरकार जल्द ही लद्दाख, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश को विदेशी पर्यटकों के लिए खोलने की योजना बना रही है।

गुवाहाटी।

केंद्र सरकार जल्द ही लद्दाख, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश को विदेशी पर्यटकों के लिए खोलने की योजना बना रही है। हालांकि सरकार के इस नए कदम से चीन के साथ बने तनाव को हवा मिल सकती है। दरअसल तीनों इलाकों के कुछ हिस्सों पर चीन अपना दावा करता है। इतना ही नहीं वह अरुणाचल प्रदेश को खुद का हिस्सा बताता है।

 

 

 

 

परमिट व्यवस्था में भी बदलाव की तैयारी

केंद्रीय गृह मंत्रालय इस बात की पड़ताल कर रहा है कि छह दशक पुराने रेस्ट्रिक्टेड एरिया परमिट में ढील दी जाए या नहीं। इसके तहत विदेशी नागरिकों को अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों, उत्तराखंडए राजस्थान और जम्मू कश्मीर में यात्रा के लिए अनुमति लेना आवश्यक होता है। ये इलाके परमिट व्यवस्था के तहत संरक्षित क्षेत्र हैं। बता दें कि इस संबंध में हाल ही में पर्यटन से संबंधित मामले देखने वाली अंतर-मंत्रालयीन समिति की बैठक हुई थी। इसमें इन इलाकों को धीरे-धीरे विदेशी पर्यटकों के लिए खोलने पर सहमति बनी है। यही नहीं इन इलाकों की परमिट व्यवस्था में भी बदलाव की तैयारी की जा रही है। इसकी शुरुआत अरुणाचल से करने की तैयारी भी शुरु हो चुकी है।

 

 

पर्यटकों की आवाजाही बढऩे की उम्मीद

बताया जाता है कि पर्यटकों को अब अरुणाचल में दो के बजाय पांच साल के लिए प्रोटक्टेड एरिया परमिट और इनर-लाइन परमिट (राज्य में कहीं भी घूमने के लिए) जारी किया जा सकता है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय को उम्मीद है कि इससे तवांग घाटी, जीरो और बोमडीला जैसे अरुणाचल के इलाकों में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। केंद्रीय पर्यटन मंत्री केजी अल्फोंस इसकी पुष्टि करते हुए इस फैसले का स्वागत किया है।

 

 

क्या कहना है किरण रिजिजू का

वहीं इस संबंध केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू का कहना है कि विदेशी सैलानियों के लिए कुछ इलाकों में रेस्ट्रिक्टेड एरिया परमिट (आरएपी) के प्रावधानों में ढील को लेकर राज्य सरकारों से चर्चा चल रही है। रिजिजू का कहना है कि गृह मंत्रालय अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहा है और राज्य सरकारें उन संभावित जगहों की पहचान कर रही है जहां विदेशी नागरिकों के लिए प्रोटेक्टेड एरिया परमिट और रेस्ट्रिक्टेड एरिया परमिट के प्रावधान हैं। इनमें अब संभवत: ढील दी जा सकती है।