असम : महिला अपराध रोकने में विफल हुई सरकार, दो साल में 30 हजार घटनाएं हुई दर्ज

Daily news network Posted: 2018-04-06 11:22:53 IST Updated: 2018-04-06 11:30:42 IST
असम : महिला अपराध रोकने में विफल हुई सरकार, दो साल में 30 हजार घटनाएं हुई दर्ज
  • आल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने कहा है कि अन्य राज्यों की तुलना में प्रदेश में महिला अपराध की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। खासकर पिछले दो सालों में यहां नारी हिंसा की 30 हजार घटनाएं पुलिस में दर्ज हुई हैं

गुवाहाटी

आल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने कहा है कि अन्य राज्यों की तुलना में प्रदेश में महिला अपराध की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।  खासकर पिछले दो सालों में यहां नारी हिंसा की 30 हजार घटनाएं पुलिस में दर्ज हुई हैं, जो यह दर्शाता है कि भाजपा की राज्य सरकार नारी अपराध को रोकने में पूरी तरह से विफल है। 

 




यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से एआईपीसी, असम के अध्यक्ष बलीन बरदलै औजार उपाध्यक्ष तथा कोषाध्यक्ष गौरव सोमानी ने कहा है कि राज्य के विभिन्न थानों में नारी अपराध से जुडे कुल 30  हजार मामले दर्ज हुए हैं,  जिसमें 3009 बलात्कार, 17 हजार 500 छेड़छाड़, 9208  अपहरण और 186  दहेज हत्या की घटनाएं शामिल हैं।

 




उन्होंने नारी अपराध को रोकने के लिए सरकार से अविलंब कड़े कदम उठाने की मांग करते हुए कहा है कि नारी अपराध को लेकर भाजपा सरकार और उनके मंत्रियों के साथ विधायकों को कोई चिंता नहीं है।  सब राजनीति में व्यस्त हैं।  

 



 

महिला अपराध के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की निति का भाजपा ने किया स्वागत  

उधर, महिलाओं के खिलाफ अपराध को रोकने के लिए कठोर कानून बनाने की मुमुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल की घोषणा का प्रदेश भाजपा ने सराहना की है । पार्टी प्रवक्ता हेमांग ठाकुरिया ने कहा है कि मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल की सरकार प्रारंभ से ही नारी सशक्तिकरण, महिला सुरक्षा और महिला सम्मान की बात कर  रही है और इसके लिए उचित कदम भी उठाया गया है । मुख्यमंत्री ने कड़े कानून बनाने के लिए जो कदम उठाया है उसे निश्चित रूप से महिलाओं पर बढ़ते अपराध को रोका जा सकेगा ।