कांग्रेस नेता ने NRC प्रक्रिया पर उठाए सवाल, कहा- इसमें हैं तमाम खामियां

Daily news network Posted: 2019-08-27 09:41:26 IST Updated: 2019-08-27 17:48:46 IST
  • भारतीय गोरखा परिसंघ की ओर से दून में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन का मुद्दा उठाया गया।

गुवाहाटी

भारतीय गोरखा परिसंघ की ओर से दून में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन का मुद्दा उठाया गया। कार्यकारिणी बैठक में विशिष्ट अतिथि के तौर पर कांग्रेस से सांसद गौरव गोगोई उपस्थित थे। सांसद गौरव गोगाई ने कहा कि एनआरसी में तमाम खामियां हैं।

 

 

 

संसद में भी उठाया मुद्दा

 

एनआरसी की सूची में गोरखालियों, असमिया, बंगाली समुदाय के ऐसे लाखों लोगों के नाम छूट गए हैं जो कई दशक से असम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम व अन्य प्रदेशों में रह रहे हैं। इनके अलावा असम, पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश समेत तमाम राज्यों के विकास में गोरखालियाें का बहुत अधिक योगदान है। इसके साथ ही सांसद गौरव गोगाई ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को संसद में भी उठाया है।

 


भारतीय होने का संकट

 

वक्ता जोएल राई ने कहा कि केंद्र सरकार ने साल 1960 में चीन की सीमा से सटे अरुणाचल प्रदेश के बंजर इलाके विजयनगर में गोरखा समुदाय के लोगों को कई जगह जमीन आवंटित की थी। केंद्र सरकार की मंशा थी कि चीन इस इलाके में कब्जा न कर सके, इसके लिए क्षेत्र में आबादी होना जरूरी है, लेकिन अब इन लोगों को परमानेंट रेजीडेंट सर्टिफिकेट (पीआरसी) नहीं जारी किया जा रहा है। जिसके चलते इन क्षेत्र के लोगों के सामने भारतीय होने का संकट खड़ा हो गया है। ऐसी ही स्थिति मिजोरम, सिक्किम व मेघालय जैसे राज्यों के कई इलाकों में हैं।


 

कई नेता नहीं हो सके शामिल

ज्ञात हो कि गोरखा परिसंघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सिक्किम के मुख्यमंत्री पीएस तमांग, दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट, सिक्किम के सांसद इंद्राहाडग सुब्बा समेत गणमान्य को शामिल होना था लेकिन पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के निधन के चलते लोग कार्यकारिणी की बैठक में शामिल नहीं हो पाए।