लगातार तीन बार असम की कमान संभाल चुका है ये कांग्रेस नेता, राजनीति में है बड़ा कद

Daily news network Posted: 2018-04-01 14:49:32 IST Updated: 2018-06-22 14:57:57 IST
लगातार तीन बार असम की कमान संभाल चुका है ये कांग्रेस नेता, राजनीति में है बड़ा कद
  • असम की राजनीति में तरुण गोगोई की पहचान सबसे लंबे समय तक रहे मुख्यमंत्री के रूप में है। वे 2001 से 2016 तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं। इस दौरान उन्होंने लगातार तीन बार विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी।

असम की राजनीति में तरुण गोगोई की पहचान सबसे लंबे समय तक रहे मुख्यमंत्री के रूप में है। वे 2001 से 2016 तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं। इस दौरान उन्होंने लगातार तीन बार विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी।

 


 एक कांग्रेस नेता होने के साथ-साथ गोगोई जमीन से जुड़े नेता हैं। 11 अक्टूबर 1934 को जोरहाट जिला में जन्में गोगोई के पिता का नाम डॉ. कमलेश्वर गोगोई था। वे रंगाजन टी स्टेट में एक डॉक्टर थे। गोगोई ने ग्रेजुएशन की डिग्री जगन्नाथ बरुआ कॉलेज, जोरहाट से ली। जबकि कानून की पढ़ाई गुवाहाटी यूनिवर्सिटी से की। गोगोई ने राजनीति की शुरुआत जमीन स्तर से की है। सबसे पहले 1968 में ये नगरनिगम के मेंबर बने।


 गोगोई 6 बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं। इन्होंने पहली बार जोरहट लोकसभा से 1971 में जीत दर्ज की। इसके बाद दो बार ये कालियाबोर सीट से चुने आए। जहां से अभी इनके बेटे गौरव गोगोई सांसद हैं। 1971 में गोगोई कांग्रेस के ज्वाइंट सेक्रेटरी चुने गए थे और उस वक्त इंदिरा गांधी के ये बेहद करीबी थे। कांग्रेस आलाकमान से करीबी होने का फायदा गोगोई को 1991 में मिला जब इन्हें केंद्रीय मंत्री पद से नवाजा गया। 90 के दशक से पहले गोगोई असम की राजनीति में अपनी गहरी पैठ बना चुके थे।

 


 साल 1986–90 तक ये असम कांग्रेस के अध्यक्ष रहने के बाद फिर 1996 में अध्यक्ष चुने गए। गोगाई चार विधानसभा चुनाव भी जीत चुके हैं पहली बार 1996 में ये मार्गेरिटा निर्वाचन क्षेत्र जीत कर आए। उसके बाद 2001 में ये तिताबोर विधानसभा से चुने गए थे।

 


 तरुण गोगोई ने 1972 में डोली गोगाई को अपना जीवनसाथी के रूप में अपनाया। इनके दो बच्चे गौरव गोगोई और चंद्रिमा गोगोई हैं। गौरव गोगोई सांसद हैं। भले ही गोगोई 2016 में चुनाव हार गए हों लेकिन आज भी जनता उन्हें पसंद करती है। 2016 के विधानसभा चुनाव में गोगोई को करारी हार का सामना करने पड़ा था। इस चुनाव में कांग्रेस 2016 के विधानसभा चुनाव में गोगोई को करारी हार का सामना करने पड़ा था। विधानसभा की 126 सीटों में से कांग्रेस को सिर्फ 26 सीटें ही मिली थी। वहीं भाजपा को 60, AIUDF को 13, असम गण परिषद को 14, बोडोलैंड पिपुल्स फ्रंट को 12 और एक सीट निर्दलीय को मिली थी।

 


 बता दें कि गोगोई को पिछले साल वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) कांउसिल की बैठक के आयोजन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने पर गिरफ्तार किया गया था। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसी जीएसटी की अधिकतम दर 28 फीसदी से घटा कर 18 फीसदी करने और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों पर जीएसटी खत्म करने की मांग कर रहे थे। मौके पर मौजूद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर थाने ले गई। गिरफ्तार नेताओं में गोगोई के अलावा असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा व विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता देवब्रत सैकिया शामिल भी थे।


 गोगोई एक बार विवादों में तब फंसे थे जब पूरा देश पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की दुखद मौत पर शोक मना रहा था तब वे असम के एक चाय बागान में दो आदिवासी महिलाओं के साथ पारंपरिक लोक नृत्य करते हुए देखे गए थे। बाद में उन्होंने इसके लिए मांफी भी मांगी थी।