'भौगोलिक दृष्टि से खास है असम, प्रचुर मात्रा में मौजूद है प्राकृर्तिक संसाधन'

Daily news network Posted: 2018-07-11 15:29:23 IST Updated: 2018-07-14 12:39:39 IST
'भौगोलिक दृष्टि से खास है असम, प्रचुर मात्रा में मौजूद है प्राकृर्तिक संसाधन'
  • राज्यपाल प्रो. जगदीश मुखी ने सोमवार को शिलोंग में आयोजित नॉथ ईस्ट कांउसिल के 67वें पूर्व सत्र में भाग लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सत्र के माध्यम से हम सभी को इस क्षेत्र के विकास की समीक्षा करने का मौका मिला हैं तथा आगामी वर्षों के लिये रणनीति को लेकर निर्णय लेने में सहूलियत होगी।

गुवाहाटी।

राज्यपाल प्रो. जगदीश मुखी ने सोमवार को शिलोंग में आयोजित नॉथ ईस्ट कांउसिल के 67वें पूर्व सत्र में भाग लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सत्र के माध्यम से हम सभी को इस क्षेत्र के विकास की समीक्षा करने का मौका मिला हैं तथा आगामी वर्षों के लिये रणनीति को लेकर निर्णय लेने में सहूलियत होगी।


 मुखी ने कहा कि पूर्वोत्तर के सभी राज्यों को असम की मौजूदा सरंचनाओं से प्रत्क्षया तथा अप्रत्क्षया लाभ मिल रहा हैं। उन्होंने डोनर मत्री से अग्रह किया कि वे गुवाहाटी को देश के नक्शे में विकसित महानगर के रुप में पेश करने का प्रोजेक्ट बनायें तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र के चहुंमुखी प्रगति के लिये तार्किक उपायों की दृष्टि से इसे प्रस्तुत करें।


उन्होंने डोनर मंत्री से अनुरोध किया कि वे आशियान देशों के साथ संबंध बेहतर बनाने के लिये गृह तथा विदेश मंत्री के साथ विचार-विमर्श करें। उन्होंने डोनर मंत्री से गुवाहाटी में वाणिज्य दूतावास को स्थापित करने का भी मांग की हैं।


मुखी ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में प्रचुर मात्रा में प्राकृर्तिक संसाधन मौजूद हैं। इस मामले में धनी रहते हुये भी अब तक इसका समुचित तरीके से सदुपयोग नहीं किये जाने की वजह से हमें सकंट का सामना करना पड़ रहा हैं।

 

 

इतना ही नही देश के अन्य विकसित राज्यों की तुलना में असम सहित पूर्वोत्तर क्षेत्र पिछड़ा राज्य माना जाता हैं। इसलिये इस पर ध्यान दिया जाना हैं। मुखी ने डोनर मंत्री से अपील की कि वे इंडियाज ईस्ट पॉलिसी के लिये पूर्वोत्तर क्षेत्र के मामले में ध्यान दें तथा इसके लिये एक्शन प्लान तैयार करें।


उन्होंने बांग्लादेश के साथ संपर्क बेहतर बनाने के लिये व्यापार, परिवहन तथा आर्थिक सहयोग बढ़ाने आदि पर भी ध्यान देने का आग्रह किया हैं।