गगनशक्ति युद्धाभ्‍यास : एयरफोर्स ने दिखाई ताकत, चीनी सीमा के पास बरसाए बम

Daily news network Posted: 2018-04-20 10:14:52 IST Updated: 2018-04-20 16:48:59 IST
  • वायुसेना के युद्धाभ्‍यास गगनशक्ति के तहत चीन की सीमा से सटे अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट अडवांस्‍ड लैंडिंग ग्राउंड पर अत्‍याधुनिक सुखोई 30 एमकेआई फाइटर जेट को उतारा गया।

ईटानगर

वायुसेना के युद्धाभ्‍यास गगनशक्ति के तहत चीन की सीमा से सटे अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट अडवांस्‍ड लैंडिंग ग्राउंड पर अत्‍याधुनिक सुखोई 30 एमकेआई फाइटर जेट को उतारा गया। इस दौरान रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण और एयरफोर्स चीफ बीएस धनोवा एयरफोर्स के सा‍हसिक प्रदर्शन को देखने के लिए पासीघाट एएलजी पर मौजूद थे।

 


 बता दें कि आरूणाचल में पहाड़ों से घिरे पासीघाट एएलजी पर विमानों की लैंडिंग बेहद कठिन मानी जाती है, लेकिन यह देश के उत्‍तरी हिस्‍से और पूर्वोत्‍तर भारत में सैनिकों तथा सैन्‍य साजो-सामान की आवाजाही के लिहाज से बेहद अहम है। अभ्‍यास के दौरान एयरफोर्स के सबसे बड़े मालवाहक विमान सी- 17 ग्‍लोबमास्‍टर ने भी पासीघाट में लैंडिंग की।

 

 

 


सुखोई विमानों और एमआई- 17 हेलीकॉप्‍टरों ने असम के डीएम रेंज में हवा से जमीन पर मिसाइल फायर किए और बम गिराए। बता दें, युद्धाभ्‍यास गगनशक्ति के तहत एक साथ दो मोर्चों (चीन और पाकिस्तान) पर जंग लड़ने की तैयारियों को परखा जा रहा है। 15 दिनों के गगनशक्ति अभ्यास के तहत एयरफोर्स इन दिनों ताकत दिखा रही है। पाकिस्तान के साथ लगने वाले पश्चिमी मोर्चे पर तीन यानी 72 घंटे के भीतर एयरफोर्स ने 5,000 उड़ानें भरी हैं।

 



अब तक का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास


 अब तक के सबसे बड़े युद्धाभ्यास में करीब 600 लड़ाकू विमानों के साथ ट्रांसपोर्ट विमान और हेलीकॉप्टर्स को मिला दें तो इस युद्धाभ्यास में करीब 1100 विमान और हेलीकॉप्टर हिस्सा ले रहे हैं, इनमें तेजस, सुखोई 30, मिग 29, जगुआर, मिराज-2000 सब शामिल हैं। अभ्यास का फोकस पाकिस्तान और चीन से लगी सीमा पर कार्रवाई की तैयारी करना है। इसके साथ ही वायुसेना के लड़ाकू हेलीकॉप्टर एमआई 26 और 17 ऊंची पहाड़ी इलाकों में एक घाटी से दूसरी घाटी में सेना के जवानों को पैराड्राप करने की भी ड्रिल कर रहा है।