ब्लैक फ्राइडेः पेड़ में टकराई कार, एक ही परिवार के 4 लोगों की मौके पर ही मौत

Daily news network Posted: 2018-04-21 11:42:15 IST Updated: 2018-04-21 12:59:47 IST
ब्लैक फ्राइडेः  पेड़ में टकराई कार, एक ही परिवार के 4 लोगों की मौके पर ही मौत
  • हरियाणा से असम जा रहे परिवार वालों के लिए शुक्रवार का दिन ब्लैक फ्राइडे साबित हुआ। घर से निकल थे खुशी में शरीक होने के लिए लेकिन क्या पता था कि वे वहां तक पहुंच ही नहीं पाएंगे

गुवाहाटी।

हरियाणा से असम जा रहे एक परिवार के लिए शुक्रवार का दिन ब्लैक फ्राइडे साबित हुआ। दरअसल किशनगंज से आठ किलोमीटर दूर बंगाल के कानकी में हुए सड़क हादसे में इस परिवार ने चार लोगों को खो दिया। जानकारी के अनुसार हादसा सुबह करीब साढ़े छह बजे हुआ। जब तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। टक्कर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे में एक युवती को गंभीर चोटें आई हैं। बता दें ये परिवार असम में शादी समारोह में हिस्सा लेने के लिए जा रहा था। 



 असम पहुंचने की थी जल्दी


हरियाणा से ये पूरा परिवार असम में शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था। गुरूवार सुबह हरियाणा से चली कार शुक्रवार की सुबह किशनगंज तक पहुंच गई, इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि परिवार के लोगों को असम पहुंचने की कितनी जल्दी थी। घटनास्थल से मृतक के घर की दूरी लगभग 1400 किलोमीटर है। अनुमान लगाया जा रहा है कि लगातार इतनी दूरी तक चलने के कारण टायर गर्म होकर फट गया होगा, जिससे यह दुर्घटना हुई। 



बच्चे के हाथ में था मोबाइल फोन



कार में लखनऊ के एक मिठाई दुकान से खरीदी गई मिठाइयां और पेठे भी मिले हैं। इस आधार पर पुलिस मान रही है कि कार लखनऊ के रास्ते आई थी। एक बच्चे के हाथ में मोबाइल था, जिसमें वीडियो गेम चल रहा था। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों सहित कानकी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची । इसके बाद घायल युवती को एमजीएम मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भेजा। बाद में उसे यहां से भी बेहतर इलाज के लिए सिलिगुड़ी रेफर कर दिया गया।

 


मृतकों में 45 वर्षीया बानो बेगम, बड़ा बेटा 22 वर्षीय मूरसलीन, 12 वर्षीय दूसरा बेटा वसीम और 10 वर्षीया बेटी फरजाना शामिल है। बड़ी बेटी 17 वर्षीया नाजिया अभी अस्पताल में मौत से जूझ रही है। सभी हरियाणा के नोह जिला के फिरोजपुर झिड़का तहसील के रहने वाले बताए गए हैं। पूरा परिवार गुरुवार की सुबह सात बजे अपने घर हरियाणा से धुबड़ी असम के लिए निकले थे।