43 विधायकों के साथ कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए इस मुख्यमंत्री के लिए अग्नि परीक्षा, जानिए क्यों?

Daily news network Posted: 2019-05-22 18:42:13 IST Updated: 2019-05-28 12:50:12 IST
43 विधायकों के साथ कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए इस मुख्यमंत्री के लिए अग्नि परीक्षा, जानिए क्यों?
  • 17वीं लोकसभा चुनाव के साथ-साथ पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में विधानसभा की 60 सीटों के लिए पहले चरण में 11 अप्रैल को वोटिंग हुई है। जिसके नतीजे 23 मई को घोषित किए जाएंगे। इसी के साथ मुख्यमंत्री पेमा खांडू के भाग्य का भी फैसला हो जाएगा।

17वीं लोकसभा चुनाव के साथ-साथ पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में विधानसभा की 60 सीटों के लिए पहले चरण में 11 अप्रैल को वोटिंग हुई है। जिसके नतीजे 23 मई को घोषित किए जाएंगे। इसी के साथ मुख्यमंत्री पेमा खांडू के भाग्य का भी फैसला हो जाएगा। बता दें कि पेमा खांडू भारत के सबसे युवा और अरुणाचल प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री है। 39 साल के पेमा खांडू ने नबाम तुकी की जगह मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभाला था। दिवंगत नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दोरजी खांडू के बेटे पेमा पहले पर्यटन मंत्री थे। ये उन 20 बागी विधायकों में शामिल थे, जिन्होंने नबाम तुकी के खिलाफ आवाज उठाई थी। बागी विधायकों की बदौलत ही इन्हें सत्ता हाथ लगी थी। मुख्यमंत्री पद को संभालने के साथ ही पेमा देश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बन गए थे।


 पेमा खांडू का जन्म 21 अगस्त, 1979 को तवांग ज़िले के ज्ञांगखार गांव में हुआ था। इनके पिता दोरजी खांडू, जो पूर्व मुख्यमंत्री थे जिनका निधन चीन की सीमा पर स्थित तवांग ज़िले के लुगुथांग के पास वर्ष 2011 में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हो गया था। पेमा खांडू परिवार के सबसे बड़े बेटे थे। जिन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित हिन्दू कॉलेज से स्नातक की पढाई की और पिता की मौत के बाद राजनीति में उतरे। पेमा खांडू के दो बेटे और एक बेटी है। यह मोनपा अनुसूचित जनजाति से ताल्लुक रखते हैं। यह वर्ष 2000 में कांग्रेस में शामिल हुए थे और वर्ष 2005 में अरूणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव तथा 2010 में तवांग ज़िला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने थे। पेमा खांडू को 2014 विधानसभा चुनावों में मुक्तो से फिर से निर्विरोध चुना गया था। यह जापान, थाईलैंड, मकाउ, श्रीलंका, अमेरिका, कनाडा, दक्षिण अफ्रीका और भूटान की यात्रा कर चुके हैं और कई सामाजिक सांस्कृतिक संगठनों से जुड़े हैं। यह फ़ुटबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन और वॉलीबाल जैसे कई खेलों के शौकीन हैं।


 राजनीतिक सफर की बात करें तो अपने पिता के मृत्यु के बाद यह जल संसाधन विकास और पर्यटन मंत्री के रूप में राज्य सरकार में शामिल हो गए। इन्होंने जून 2011 में अपने पिता के निर्वाचन क्षेत्र मुक्तो से अरुणाचल प्रदेश विधान सभा चुनाव निर्विरोध जीता था। वे इस समय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप खड़े थे।


 2005 में यह अरुणाचल प्रदेश के कांग्रेस समिति के सचिव बने। 2010 में यह तवंग जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष बन गए। 16 जुलाई 2016 को यह कांग्रेस के विधायक दल के नेता के रूप में चुनाव लड़े थे। 2014 में इन्होंने मुक्तो से फिर विधान सभा चुनाव लड़ा और निर्विरोध ही जीत गए। 37 वर्ष में 17 जुलाई 2016 को इन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लिया।


 16 सितम्बर 2016 को पेमा खांडू 43 सत्तापक्ष विधायकों के साथ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस छोड़कर पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल में शामिल होग गये और भारतीय जनता पार्टी के साथ सरकार बनाई। 31 दिसम्बर 2016 को वह पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल के 33 विधायकों के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए और सरकार का गठन किया।


 व्यवसाय

 अपने पिता की मृत्यु के बाद, खण्डू को राज्य सरकार में जल संसाधन विकास और पर्यटन मंत्री के रूप में शामिल किया गया था। उन्होंने 30 जून 2011 को अपने पिता के निर्वाचन क्षेत्र मुकुतो से अरुणाचल प्रदेश विधान सभा में निर्विरोध चुनाव जीता। वह एक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में खड़ा था।

 


 खंडू 2005 में अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस समिति के सचिव और तवांग में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने। 16 जुलाई 2016 को उन्हें कांग्रेस विधायक दल के नेता चुना गया।


 2014 के अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में खांडू को मुक्ता से निर्विरोध निर्वाचित किया गया था। खांडू ने 17 जुलाई 2016 को राजनीतिक संकट से 37 साल की उम्र में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

 


 16 सितंबर 2016 को, सत्ताधारी पार्टी के 43 विधायक, मुख्यमंत्री पमा खंडू के अधीन, भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर अरुणाचल की पीपुल्स पार्टी में शामिल होने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस छोड़ दी। हालांकि पेमा खांडू अभी भी मुख्यमंत्री हैं, लेकिन जल्द ही यह उम्मीद की जा रही है कि विधानसभा के अध्यक्ष भी विधानसभा के अध्यक्ष के तौर पर पक्ष बदल चुके हैं या भारतीय सरकार राज्य विधानसभा को एक नए जनरल के लिए भंग कर देगी। चुनाव।


 21 दिसंबर 2016 को, पार्टी के अध्यक्ष द्वारा खांडू को पार्टी से निलंबित कर दिया गया था और पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल के 6 सदस्यों के साथ खंडू को निलंबित कर दिए जाने के बाद खंडाु की जगह अरुणाचल प्रदेश की आगामी मुख्यमंत्री होने के मामले में तकाम पेरियो को नामित किया गया था।


 मुख्यमंत्री पद


पेमा खांडू ने 36 वर्ष की आयु में 17 जुलाई 2016 को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। 16 सितम्बर 2016 को पेमा खांडू 43 सत्तापक्ष विधायकों के साथ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस छोड़कर पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल में शामिल होग गये और भारतीय जनता पार्टी के साथ सरकार बनाई। 31 दिसम्बर 2016 को यह पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल के 33 विधायकों के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए और सरकार का गठन किया।