चुनाव से पहले इन पांच ने छोड़ी थी Congress , तीन जीते, दो हारे

Daily news network Posted: 2018-12-11 15:16:58 IST Updated: 2018-12-23 17:36:22 IST
चुनाव से पहले इन पांच ने छोड़ी थी Congress , तीन जीते, दो हारे
  • मिजोरम में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को तगड़ा झटका देकर पार्टी के पांच नेताओं ने पार्टी से किनारा कर लिया।

आइजोल।

मिजोरम में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को तगड़ा झटका देकर पार्टी के पांच नेताओं ने पार्टी से किनारा कर लिया। दो नेता बीजेपी, दो एमएनएफ आैर एक एनपीपी में शामिल हुए। जिनमें से आज तीन को जीत मिली आैर दो हार गए। आपको बता दें कि मिजोरम में विधानसभा की 40 सीटों के लिए 28 नवंबर को मतदान हुए थे।

 


 दरअसल, राज्य में चुनाव से पहले कांग्रेस के पांच विधायक पार्टी छोड़कर जा चुके हैं। जो पार्टी के लिए बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है। सितंबर में कांग्रेस उपाध्यक्ष और गृहमंत्री आर ललजिरलियाना और कैबिनेट मंत्री ललरिनलियाना साइलो एमएनएफ में शामिल हो गए। इसके बाद कांग्रेस से पूर्व मंत्री डॉ. बुद्धा धन चकमा और विधानसभा स्पीकर हिफेई भाजपा में चले गए। बता दें कि हिफेई 1970 से कांग्रेस के सदस्य थे। वहीं पूर्व संसदीय सचिव हमिंगडेलोवा खियांगटे भी कांग्रेस छोड़कर एनपीपी में शामिल हो गए। इनके अलावा भी कांग्रेस से कई ताबड़तोड़ इस्तीफे हुए हैं। अब इन बागी नेताअों में से कितनों की जीत मिली आइए जानते हैं...

 


 ललरिनलियाना साइलो

 कांग्रेस का हाथ छोड़कर चलफिह सीट से एमएनएफ के टिकट पर अपनी किस्मत आजमा रहे लालरिलिआना सायलो ने शानदार जीत दर्ज की है। उनका मुकाबला कांग्रेस के एलटी हरांगचल से था। इस सीट पर बीजेपी ने पी. संघमिंगथांगा चुनाव मैदान उतारा था। बता दें  कि 2013 में सायलो ने तुईचांग विधानसभा सीट से कांग्रेस की टिकट से चुनाव लड़ा था आैर एमएनएफ उम्मीदवार डॉ. एच. ललुंगमुआना को हराकर जीत दर्ज की थी। वहीं 2008 के विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के हीं उम्मीदवार ललरिनलियाना सायलो ने जेएनपी के रुआलखुमा हमार को हराया था।


 आर ललजिरलियाना

 चुनाव से पहले कांग्रेस का दामन छोड़कर एमएनएफ में शामिल होने वाले आर ललजिरलियाना ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जे वी लूना को हराकर जीत दर्ज की है। ललजिरलियाना प्रदेश के तावी निर्वाचन क्षेत्र से चुनावी मैदान में थे। 2013 के चुनावों में भी ललजिरलियाना ने एमएनएफ के ललमालस्वामी 1447 मतों से हराकर जीत दर्ज की थी। उस समय इस सीट पर 87.01 फीसदी मतदान हुआ था।


बुद्ध धान चकमा

 भाजपा उम्मीदवार व पूर्व मंत्री डॉ. बुद्ध धन चकमा ने तुईचवांग सीट से जीत दर्ज की। बता दें कि बुद्ध धान चकमा ने विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया था आैर तुईचवांग सीट से भाजपा टिकट से चुनाव लड़ रहे थे। उन्होंने एमएनएफ के आर एम चमका को हराकर जीत दर्ज की। 25 सालों बाद चकमा की जीत के साथ ही भाजपा ने राज्य में खाता खोल लिया है। बता दें कि 2013 के विधानसभा चुनाव में भी चकमा ने तुर्इचवांग सीट से कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ा था आैर एमएनएफ के रसिक मोहन चकमा को हराकर जीत हासिल की थी ।


 हिफेई

 कांग्रेस के पूर्व विधानसभा स्पीकर आैर भाजपा उम्मीदवार हिफेर्इ को इस बार के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। चुनाव पूर्व हिफेर्इ भाजपा में शामिल हुए थे। कांग्रेस टिकट से चुनाव लड़ रहे के टी रोखा से पालक सीट से हार का सामना करना पड़ा। जबकि 2013 के चुनाव में एमडीएफ के उम्मीदवार को हराकर हिफेर्इ ने जीत दर्ज की थी।

 

 

 हमिंगडेलोवा खियांगटे

 मिजोरम में चुनाव से पहले कांग्रेस का साथ छोड़ने वाने नेताआें की लिस्ट में खियांगटे का नाम भी शामिल है। कांग्रेस के संसदीस सचिव रहे खियांगटे ने चुनाव पूर्व पार्टी का हाथ छोड़ पहला बार राज्य में चुनाव लड़ रही एनपीपी का दामन थाम लिया था। खियांगटे पार्टी टिकट से तुर्इरियाल सीट से चुनावी मैदान में थे।  इस सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे एंड्रू एच थांगलियाना से उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2013 के चुनाव में खियांगटे ने कांग्रेस टिकट से  तुर्इरियाल सीट से चुनाव लड़ा था आैर जेडएनपी उम्मीदवार जोसेफ एल राल्टे का 239 मतों से हराकर जीत दर्ज की थी।