भाजपा के खिलाफ खड़े हुए 22 शहीदों के परिजन, लौटाया सम्मान

Daily news network Posted: 2019-02-06 10:58:39 IST Updated: 2019-02-06 10:58:39 IST
भाजपा के खिलाफ खड़े हुए 22 शहीदों के परिजन, लौटाया सम्मान

असम के जोरहाट में 1971 से 6 वर्ष तक चले असम आंदोलन में शहीद हुए 885 लोगों के परिवारों में से 22 शहीदों के परिवार के लोगों ने नागरिकता संशोधन विधेयक का मुखर विरोध करते हुए रैली निकालते हुए जोरहाट जिला कलेक्टर के कार्यालय में जिलाधीश के हाथों सरकार से मिले शहीद सम्मान लौटा दिए। 




शहीद द्विजेन दत्ता के बड़े भाई हरेन दत्ता ने कहा कि अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ असम आंदोलन कर प्राण देने वाले केवल मेरे ही भाई नहीं, बल्कि सभी 855 शहीदों की तौहीन होगी। अगर हम नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ चुप रहेंगे, इसलिए शहीदों के आत्मा की शान्ति और उनके बलिदानों को सच्ची श्रद्धांजलि देते हुए हम असम सरकार से मिले शहीद सम्मान को जोरहाट जिलाधीश को लौटाते हैं।

 

 

जोरहाट आसू के नेता  झूल खावोंड ने इस मौके पर कहा कि अगर नागरिकता संशोधन विधेयक को स्वीकार करते हुए लागू कर दी जाए तो इससे बढ़कर 855 शहीद और उनके परिवारवालों के लिए अपमानजनक स्थिति और कुछ नहीं हो सकती है। फोरम अगेंस्ट सिटीजनशिप एक्ट अमेंडमेंट बिल के संयोजक वरिष्ठ पत्रकार मंजीत महंत ने कहा कि दिल्ली में हमें  गैर बीजेपी सभी दलों ने आश्वस्त तो किया है कि बिल को पास होने नहीं होने देंगे, पर हमारी लड़ाई नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ तब तक जारी रहेगी जब तक सरकार इसे रद्द घोषित नहीं करती है।