20 साल से बहन को ढूंढ रही थी अमरीका में बैठी महिला,फेसबुक ने मिला दिया

Daily news network Posted: 2019-07-17 18:08:31 IST Updated: 2019-07-17 18:08:31 IST
20 साल से बहन को ढूंढ रही थी अमरीका में बैठी महिला,फेसबुक ने मिला दिया
  • आपने फिल्मों में देखा होगा कि बचपन में किसी मेले में भाई अपने भाई से बिछड़ गया और सालों बाद जिंदगी के किसी मोड़ पर वे फिर से मिल गए। ऐसा फिल्मी कहानियों में ही नहीं असल जिंदगी में भी होता है।

आईजोल

आपने फिल्मों में देखा होगा कि बचपन में किसी मेले में भाई अपने भाई से बिछड़ गया और सालों बाद जिंदगी के किसी मोड़ पर वे फिर से मिल गए। ऐसा फिल्मी कहानियों में ही नहीं असल जिंदगी में भी होता है। हम आपको जिस खबर से रूबरू करा रहे हैं वह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।

 


एक एनआरआई महिला की जो पिछले 20 साल से अपनी बहन को तलाश कर रही थी उसे अचानक अपनी बहन मिल गई। हालांकि दोनों रूबरू तो नहीं मिल पाई लेकिन फोन पर हुई बात ने से ही दोनों इतनी भावुक हो गई कि फूट फूट कर रोने लगी।


 सोमवार को आखिरी कोशिश के तहत ज्योति ई.रुद्रपथि ने मिजोरम न्यूज इन इंग्लिश नाम के फेसबुक ग्रुप में अपनी बहन और बहनोई की तस्वीर डाली। रुद्रपति का मानना था कि उसकी बहन मिजोरम में ही है।


रुद्रपथि ने ग्रुप में अपनी बहन कमला की सालों पुरानी तस्वीर डालते हुए उसकी तलाश में मदद का अनुरोध किया। रुद्रपथि ने लिखा, यह मिस्टर हिमग्लियाना है जो अपनी पत्नी कमला के साथ हैं,वह मिजोरम के

 


 सियालसुक गांव के रहने वाले हैं। 1980 में हिमग्लियाना की शादी कमला से हुई थी। इसके बाद वे मिजोरम चले गए। तब से मेरा मेरी बहन से कोई संपर्क नहीं है। वह(कमला)तेलंगाना...आंध्र प्रदेश से है। वह(बहन के पति) सीआरपीएफ से रिटायर हो चुके हैं। हमारा इस परिवार से संपर्क नहीं हो पा रहा है। हम पिछले 20 साल से इस परिवार को तलाश कर रहे हैं। ग्रुप में

 


 तस्वीर डालने के चार घंटे में ही रूद्रपथि का अपनी बहन से संपर्क हो गया। यह सब हुआ ग्रुप के दरियादिल सदस्यों की वजह से। ग्रुप का एक सदस्य जो कमला के पति का भतीजा है ने बताया कि उसकी आंटी

 

 कमला उत्तरी मिजोरम के कोलासिब कस्बे में रह रही है।

 


 बाद में अन्य ने कमला के बेटे जोराममाविया के फोन नंबर पोस्ट किए। कमला का बेटा आईजोल के पास ही रहता है। इसके बाद रुद्रपति ने अपनी बहन के बेटे को कॉल किया, इसके बाद उसने अपनी मां का नंबर

 


 दिया। 40 साल बाद दोनों की फोन पर एक दूसरे से जब बात हुई तो दोनों फूट फूट कर रोने लगी। बहन से बात करने के बाद रुद्रपथि ने फेसबुक ग्रुप में लिखा, बहुत बहुत धन्यवाद! मुझे मेरी बहन मिल गई। यह अविश्वसनीय है। मुझे खुद पर विश्वास नहीं हो रहा! सभी का बहुत बहुत शुक्रिया! मैं ईश्वर का भी शुक्रिया अदा करती हूं!

 


 बहुत बहुत शुक्रिया! मेरी मां 86 साल की है। उन्हें जब यह खबर मिली तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। वह अब बहुत खुश है। आप लोग अद्भुत हो। आप सभी पर ईश्वर का आशीर्वाद बना रहे। रुद्रपति तेलंगाना की रहने वाली है और फिलहाल अपने पति के साथ अमरीका में काम कर रही है।

 

 


रुद्रपथि ने कहा, उसका अपनी बहन से मिलने के लिए जल्द ही भारत आने का प्लान है। दरअसल हम विभिन्न तरीकों से बहन की तलाश कर रहे थे। हमें सही संपर्क नहीं मिल रहा था। सोशल मीडिया का शुक्रिया, जिसकी वजह से मुझे अपनी बहन मिल गई।

 


 रुद्रपथि का मानना था कि उसकी बहन मिजोरम में रह रही होगी इसलिए बहन को तलाश करने के लिए फेसबुक पर मिजो ग्रुप सही प्लेटफॉर्म रहेगा और जब वह इस ग्रुप से जुड़ी तो उनका मानना सही साबित हुआ। कमला अब अपने बच्चों के साथ आईजोल के लॉपु में रह रही है। जब उसकी बहन से फोन पर बात हुई तब वह कोलासिब में अपने रिश्तेदारों के यहां थी। कमला के बेटे जोराममाविया के मुताबिक उसके

 


 माता पिता की शादी 1980 में हुई।

 

 पिता सर्विस से रिटायर होने से पहले मिजोरम चले गए। प्रोपर रिटायरमेंट के पहले ही उनके पिता ने नौकरी छोड़ दी। उन्होंने खुद का काम शुरू किया और परिवार का भरण पोषण करने लगे। इस दौरान उनको

 


 आर्थिक दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा। 2013 में कैंसर से उनका देहांत हो गया। मैं भी हमेशा अपनी मां के रिश्तेदारों को तलाश करना चाहता था। मुझे कोई मदद नहीं मिली। आर्थिक दिक्कतों के कारण हम उनकी तलाश में तेलंगाना भी नहीं जा पाए।