एनआरसी पर रिजीजू का खुलासा, असम के हर भारतीय के पास है पर्याप्त वैध कागजात

Daily news network Posted: 2018-04-05 11:42:26 IST Updated: 2018-04-05 11:42:26 IST
एनआरसी पर रिजीजू का खुलासा, असम के हर भारतीय के पास है पर्याप्त वैध कागजात
  • केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजीजू का दावा है कि असम के प्रत्येक वैध भारतीय नागरिक के पास समुचित कागजात मौजूद है । राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) अद्यतन में उन्हें कतई किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना होगा ।

नई दिल्ली

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजीजू ने कहा है कि जिनके पास भी वैध भारतीय नागरिक होने के पर्याप्त कागजात है उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना होगा । उन्होंने दावा किया है कि असम के प्रत्येक वैध भारतीय नागरिक के पास समुचित कागजात मौजूद है ।




बुधवार को राज्यसभा में प्रश्नोत्तरकाल के दौरान तृणमूल सांसद डेरेक ओ ब्रायन द्वारा असम में चल रहे एनआरसी अद्यतन को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में गृह राज्यमंत्री ने उपरोक्त आशय की  बातें कही । ब्रायन ने सवाल किया कि भू-कटाव में समा गए लोगों के पास अगर कोई कागजात नहीं है तो सरकार ने उन लोगों के लिए किस तरह की व्यवस्था की है ? इसके जवाब में मंत्री रिजीजू ने सदन को बताया कि 2003 के नागरिकता अधिनियम के तहत सर्वोच्च न्यायालय की  निगरानी में असम में एनआरसी अद्यतन की प्रक्रिया चल रही है । 





गुह राज्यमंत्री ने सदन को बताया कि 1951 के नागरिक पंजी तथा 1971 की मतदाता सूची के आधार पर एनआरसी अद्यतन प्रक्रिया चल रही है । ऐसी स्थिति में कागजातों की आपूर्ति में वैध नागरिक को कोई असुविधा का सामना नहीं करना पडा है । उन्होंने बताया कि 1 9 5 1 के नागरिक पंजी तथा 1971 की मतदाता सूची का डिजिटलाइज किया गया है । 





लोगों की सुविधा के लिए दोनों तालिकाएं आसानी से उपलब्ध है । ऐसी स्थिति में अगर प्राकृतिक आपदा के कारण किसी के पास कागजात नहीं भी है तो वे दोनों तालिकाओं से ले सकते है । रिजीजू ने यह भी बताया कि एनआरसी में नाम शामिल करने के लिए किसी ने भी संबंधित प्रबंधन के पास  आवश्यक कागजात न होने की कोई शिकायत नहीं की है । 





पंजाब के कांग्रेसी सांसद प्रताप सिंह बाजवा की ओर से पूछे गए अन्य एक प्रश्न के जवाब में रिजीजू ने सदन को बताया कि बांग्लादेशी घुसपैठियों की शिनाख्त  के नाम पर असम में किसी तरह का जुल्म नहीं हुआ है । केंद्र के पाम ऐसी कोई खुसुचना भी नहीं है । उन्होंने बताया कि 1956 के विदेशी कानून के तहत असम में विदेशी नागरिकों को पहचान प्रक्रिया जारी है । उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अवैध नागरिकों की शिनाखा संक्रिया में जाति, धर्म या समुदाय के साथ कोई भेदभाव नहीं किया गया है ।