'BJP के इस राज्य में इमरजेंसी जैसे हालात, मुख्यमंत्री चला रहे तानाशाही'

Daily news network Posted: 2019-01-12 12:47:39 IST Updated: 2019-01-15 17:21:23 IST
'BJP  के इस राज्य में इमरजेंसी जैसे हालात, मुख्यमंत्री चला रहे तानाशाही'
  • पूर्वोत्तर छात्र संगठन (नेसो) ने आरोप लगाया है कि त्रिपुरा में आपातकाल चल रहा है। वहां गणतंत्र नामक कोर्इ चीज है ही नहीं।

गुवाहाटी/अगरतला।

पूर्वोत्तर छात्र संगठन (नेसो) ने आरोप लगाया है कि त्रिपुरा में आपातकाल चल रहा है। वहां गणतंत्र नामक कोर्इ चीज है ही नहीं। एेसी स्थिति में राज्य की सरकार नागरिकता बिल पर स्थानीय लोगों के विरोध को दबा रही है। खिलंजियां त्रिपुरी के दुख को न समझने वाले बांग्लादेशी मूल के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने वहां तानाशाही शासन शुरू कर दिया है।

 


 नेसाे के सलाहकार समुज्जल भट्टाचार्य ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह विधेयक अवैध प्रवासियों को नागरिकता देने वाला एक अधिनियम बन जाएगा, जिसके बाद पूर्वोत्तर क्षेत्र के मूल निवासियों के साथ द्वितीय श्रेणी के नागरिकों की तरह व्यवहार किया जाएगा। त्रिपुरा इसके लिए एक अच्छा उदाहरण है जो अपनी ही मातृभूमि पर अल्पसंख्यक बन गए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस के अत्याचार के बाद भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों को अपनी स्थिति दूसरों को समझाने की अनुमति नहीं दी गर्इ।

 



बता दें कि पुलिस फायरिंग में घायल प्रदर्शनकारियों की स्थिति का जायजा लेने के लिए नेसों के एक प्रतिनिधिमंडल गुरूवार को अगरतला के जीबी पंत अस्पताल पहुंचा। लेकिन उन्हें अस्पताल में जाने से मना कर दिया जहां घायल पांच लोगों का इलाज चल रहा था। भट्टाचार्य ने कहा कि हमारे सबूत है कि त्रिपुरा पुलिस ने केवल खुमुलवंग में निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलार्इं बल्कि घायल प्रदर्शनकारियों को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस पर भी हमला किया। बिल का विराेध कर रहे युवाआें पर पुलिस ने हमला किया। प्रदर्शन के दौरान स्थानीय गांव के एक व्यक्ति पर बर्बरता से हमला किया। नेसो के महासचिव सिनम प्रकाश् ने कहा कि नेसो प्रतिनिधिमंडल को घायलों से मिलने की अनुमति नहीं दी गर्इ ताकि वास्तविकता दुनिया के सामने न आ सके।

 


 नेसों ने कहा कि घटना के विरोध में आज काला दिवस मनाएगा आैर सभी पूर्वोत्तर के राज्यों में काले झंडे फहराए जाएंगे। इसके साथ ही छात्र संगठन ने हार्इ कोर्ट से घटना की न्यायिक जांच की मांग की अौर घायल व्यक्तियों को पर्याप्त मुआवजे की मांग की है। साथ ही कहा कि पूरे प्रकरण पर राज्यस की सरकार स्पष्टीकरण दे। इसके साथ ही कहा है कि स्वदेशी समुदाय को समर्थन देने के लिए नेसाें सदस्य फिर राज्य का दौरा करेंगे।