2021 में असम समेत इन राज्यों में एक साथ होंगे लोकसभा और विधानसभा चुनाव

Daily news network Posted: 2018-04-15 13:23:38 IST Updated: 2018-04-15 15:25:56 IST
2021 में असम समेत इन राज्यों में एक साथ होंगे लोकसभा और विधानसभा चुनाव
  • केंद्र सरकार और नीति आयोग भले ही पूरे देश में लोकसभा-विधानसभा चुनाव एक साथ कराने का मसौदा तैयार कर रही हो

गुवाहाटी

केंद्र सरकार और नीति आयोग भले ही पूरे देश में लोकसभा-विधानसभा चुनाव एक साथ कराने का मसौदा तैयार कर रही हो लेकिन राष्ट्रीय चुनाव आयोग के मुताबिक बिना संविधान संशोधन के यह संभव नहीं है और मौजूदा समय में सरकार के पास इस संशोधन के लिए राज्यसभा में बहुमत नहीं है। 

 


 विधि आयोग की ओर से एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद चुनाव आयोग से राय मांगी जाएगी। माना जा रहा है कि विधि आयोग 2019 और 2024 में दो चरणों में एकसाथ चुनाव कराने की सिफारिश कर सकता है। विधि आयोग इस महीने के अंत में कानून मंत्रालय को इस मामले पर अपनी रिपोर्ट सौंप सकता है। सरकारी थिंक टैंक नीति आयोग की उस रिपोर्ट पर भी चुनाव आयोग की राय मांगी गई है जिसमें दो चरणों में एकसाथ चुनाव कराने की सिफारिश की गई थी।



 सरकार ने मांगी चुनाव आयोग से राय

 

 सरकार चाहती है कि चुनाव आयोग आने वाले महीनों में अपनी राय बताए ताकि इस मुद्दे पर कोई ठोस नजरिया कायम किया जा सके। सरकार के ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की संकल्पना को आकार देने की कवायद के तहत विधि आयोग के आंतरिक कार्यपत्र में सिफारिश की गई है कि 2019 से दो चरणों में लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं के चुनाव एकसाथ कराए जाएं।


इस दस्तावेज में कहा गया है कि एकसाथ चुनाव कराने का दूसरा चरण 2024 में हो सकता है। दस्तावेज में संविधान एवं जनप्रतिनिधित्व कानून में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है जिससे इस कदम को प्रभावी बनाने के लिए राज्य विधानसभाओं का कार्यकाल कम या विस्तारित किया जा सके। एक संसदीय समिति और नीति आयोग की सिफारिश के अनुसार ही संशोधन करने का प्रस्ताव है।

 


 नीति आयोग ने नहीं भेजी कोई रूपरेखा


सीईसी ने बताय कि नीति आयोग द्वारा कोई अभी तक इस पर कोई भी रूपरेखा तैयार नहीं की गई है, लेकिन उनकी ओर से अब तक हमें कुछ नहीं भेजा गया है। वहीं नीति आयोग ने एक रूपरेखा संसद की स्थायी समिति की 79वीं रिपोर्ट के आधार पर तैयार की है। इसमें लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव कराने के लिए समय से पहले विधानसभा चुनाव कराने के लिए समय से पहले भंग करने की संभावना के बारे में कहा गया है। आयोग की रूपरेखा के मुताबिक 2019 लोकसभा चुनाव में सिक्किम, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिसा, अरुणाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव लोकसभा के साथ कराने में कोई अड़चन नहीं है।


 दरअसल इन राज्यों की सरकारों का कार्यकाल लोकसभा चुनाव के आसपास ही खत्म हो रहा है। जबकि हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव पांच माह पहले कराए जा सकते हैं और झारखंड में सात माह व दिल्ली में 8 माह पहले कराने होंगे। इसके बाद मिजोरम, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान की विधानसभा का कार्यकाल चार से छह माह आगे तक का है जिसे घटाया जा सकता है।

 


2021 में पहले चरण के चुनाव

पहले चरण में जिन राज्यों में चुनाव कराने की सिफारिश की गई है, उनमें वे राज्य हैं जहां 2021 में चुनाव होने हैं। इनमें आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र शामिल हैं। दूसरे चरण के तहत आनेवाले राज्यों में उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, दिल्ली और पंजाब हैं। इन राज्यों में लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव कराने के लिए विधानसभाओं का कार्यकाल बढ़ाना होगा। चुनाव आयोग के सुझाव के आधार पर कार्यपत्र में यह भी कहा गया है कि सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के बाद विश्वास प्रस्ताव भी लाया जाना चाहिए। इससे सुनिश्चित होगा कि यदि विपक्ष के पास वैकल्पिक सरकार बनाने के लिए संख्या बल नहीं हो तो उस वक्त की सरकार को हटाया नहीं जा सकता है।

 

 

 2024 लोकसभा चुनाव


इसके बाद दूसरे चरण 2024 लोकसभा चुनाव में बिहार, मेघालय, त्रिपुरा, नागालैंड, पुडुचेरी, तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल, केरल, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर, गोवा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात के विधानसभा चुनाव एकसाथ उनके कार्यकाल को घटा-बढ़ाकर शामिल किया जा सकता है। हालांकि नीति आयोग की रूपरेखा में कोई स्पष्टता नहीं है कि विस का कार्यकाल किस तरह से घटाया-बढ़ाया जा सकता है।