फंसे खनिकों की तलाश जारी, कांग्रेस का राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

Daily news network Posted: 2019-01-01 11:46:33 IST Updated: 2019-01-02 08:35:34 IST
फंसे खनिकों की तलाश जारी, कांग्रेस का राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
  • मेघालय के अवैध काेयला खदान में 19 दिनों से फंसे 15 खनिकों काे निकालने के लिए एनडीआरएफ आैर नौसेना के गोताखोरों ने सोमवार को बचाव कार्य दोबारा से शुरू किया।

शिलांग।

मेघालय के अवैध काेयला खदान में 19 दिनों से फंसे 15 खनिकों काे निकालने के लिए एनडीआरएफ आैर नौसेना के गोताखोरों ने सोमवार को बचाव कार्य दोबारा से शुरू किया। हालांकि गोताखोरों की तीन घंटे की खोजबीन के बाद भी खनिकों का पता नहीं चला। इस बीच अब तक फंसे हुए खनिकों को निकालने नाकामयाब रही राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन भी होने लगे हैं।

 

 

 

प्रदेश कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं ने शिलांग स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में कोनराड संगमा की अगुवाई वाली सरकार के खिलाफ सांकेतिक प्रदर्शन कर फंसे खनिकों के बचाव कार्य में ढीला रवैया अपनाने का आरोप लगाया. महिला प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जोपलिन स्कॉट शायला ने कहा, "सरकार नींद में सोई थी। बचाव कार्य की धीमी गति पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा खेद जताए जाने के बाद सरकार जगी है

 

 

 उधर, बचाव अभियान दल के प्रवक्ता आर. सुसगनी ने कहा, "भारतीय नौसेना के डाइवर कोयला खदान के मुख्य शाफ्ट तक पहुंच गए हैं।" उन्होंने कहा कि नौसेना ने ईस्ट जैंतिया हिल्स जिला के अधिकारियों से 30 मीटर के खड्ढे से पानी निकालने के लिए मदद मांगी है ताकि गोताखोर अपना काम दोबारा शुरू कर सकें। प्रवक्ता ने कहा कि ओडिशा अग्निशमन सेवा का दस्ता भी कम से कम तीन खुली खदानों से पानी निकालने के काम में जुटा हुआ है। यह 370 फीट की कोयला खदान के पास हैं, जहां 15 खनिक फंसे हुए हैं। सुसगनी ने कहा, "हम गोताखोरों के लिए यह सभी सुरक्षा उपाय कर रहे हैं।"


 उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ बचाव कार्य में शामिल अन्य एजेंसियों को सभी प्रकार की मदद प्रदान कर रहा है। एनडीआरएफ भारतीय नौसेना को सभी लॉजिस्टिक्स और मानव संसाधन संबंधी मदद प्रदान कर रहा है। भारतीय नौसेना के 14 सदस्य, एनडीआरएफ के 72 बचावकर्मी, ओडिशा अग्निशमन दस्ता के 21 कर्मी, कोल इंडिया लिमिटेउ के 35 अधिकारियों समेत 200 बचावकर्मी अभियान में जुटे हुए हैं। बचाव अभियान में मेघालय के प्रदेश आपदा मोचन बल की टीम को भी लगाया गया है। कोल इंडिया लिमिटेड के महाप्रबंधक (पूर्वोत्तर कोयला क्षेत्र) जे. बोराह ने कहा कि 500 गैलन प्रति मिनट पानी निकालने वाला एक सबमर्सिबल पंप इलाके में पहुंचा दिया गया है।


 बोराह ने कहा, "घटनास्थल पर दो और पंप भेजे गए हैं। इसके अलावा दो अन्य पंप और पाइप व अन्य सामान जो जैंतिया या शिलांग में उपलब्ध नहीं हैं, कल भेजे जाएंगे।" खनन विशेषज्ञ और अवार्ड विजेता बचावकर्मी जसवंत सिंह गिल ने प्रदेश सरकार और बचाव एजेंसी के बीच समन्वय की कमी होने पर दुख जताया।