असम में रेप की वारदातों पर लगेगा अंकुश, बनेगी विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतें

Daily news network Posted: 2018-04-05 15:55:37 IST Updated: 2018-04-05 17:11:45 IST
  • असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के अनुरोध को स्वीकार करते हुए गुवाहाटी हार्इ कोर्ट ने राज्य के हर जिले में फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना को मंजूरी दे दी है।

गुवाहाटी।

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के अनुरोध को स्वीकार करते हुए गुवाहाटी हार्इ कोर्ट ने राज्य के हर जिले में फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इन अदालतों में महिलाओं और बच्चों के साथ दुष्कर्म व हत्या से संबंधित मामलों की रोजाना सुनवाई होगी।


 

सोनोवाल ने नागांव जिले में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए रेप आैर फिर मर्डर की घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी। मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 26 मार्च को गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा था। जिसमें मुख्यमंत्री सोनोवाल ने आए दिन हो रहे रेप आैर हत्या के मामलों को मद्देनजर रखते हुए हार्इ कोर्ट के जज से राज्य के हर जिले में फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना पर विचार करने का कहा था।

 


इस पर अदालत द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, मुख्य न्यायाधीश और कई वरिष्ठ न्यायाधीशों वाली एक प्रशासनिक समिति ने मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय में हुई बैठक में इस मामले को मंजूरी दी है। अदालत ने कहा कि समिति तौर तरीकों पर भी काम करेगी और तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट दाखिल करेगी।

 


 

 सोनोवाल गुवाहाटी उच्च न्यायालय द्वारा वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1971 के तहत मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने के प्रयासों की सराहना की थी जिसने दोषियों को तेजी से सजा और असम में शिकार की घटनाओं को कम करने के लिए प्रेरित किया।