मोदी सरकार ने दिया 12वीं के स्टूडेंट्स को बेहतरीन तोहफा, इस साल भूल जाइए DU की कटऑफ

Daily news network Posted: 2018-04-14 13:32:53 IST Updated: 2018-04-14 15:12:00 IST
मोदी सरकार ने दिया 12वीं के स्टूडेंट्स को बेहतरीन तोहफा, इस साल भूल जाइए DU की कटऑफ
  • इस साल एडमिशन लेने जा रहे स्टूडेंट्स के लिए ख़ुशी की खबर है क्योंकि इस बार आप बिना किसी परेशानी के काम मार्क्स के साथ भी डीयू में एडमिशन ले सकते हैं

गुवाहाटी

इस साल एडमिशन लेने जा रहे स्टूडेंट्स के लिए अच्छी खबर है। अब आप बिना किसी परेशानी के कम मार्क्स के साथ भी डीयू में एडमिशन ले सकते हैं। जी हां, हर साल की तरह दिल्ली यूनिवर्सिटी की कटऑफ लिस्ट इस बार आसमान नहीं छू पाएगी।

 



इस बार सभी राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों ने केंद्र से वादा किया है कि वह अपने-अपने विद्यार्थियों को बढ़ा-चढ़ा कर नंबर देने की प्रवृति पर रोक लगाएंगे। राज्य बोर्ड ने इस प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी के अंडर ग्रेजुएट कोर्सेज में प्रवेश प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए यह कदम उठाने का फैसला किया है।

 


 दरअसल पिछले कई सालों से यह देखा जा रहा है कि कुछ राज्य बोर्ड अपने विद्यार्थियों को बहुत ज्यादा मार्क्स दे रहे हैं। जब ये छात्र दिल्ली यूनिवर्सिटी के लिए आवेदन करते हैं तो यहां कि कट-ऑफ लिस्ट 99 या 100 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। ऐसा होने से औसत मार्क्स पाने वाले विद्यार्थियों को एडमिशन लेने में काफी दिक्कत होती है।

 


 23 राज्यों ने दिया आश्वासन


केंद्र सरकार के आग्रह के बाद अभी तक 23 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इस संबंध में आश्वासन दे चुके हैं। सबसे ताजा आश्वासन तमिलनाडु ने 5 अप्रैल को दिया है। आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, अंडमान निकोबार द्वीपसमूह, दिल्ली, दमन दीव, पांडुचेरी भी बहुत ज्यादा मार्क्स देने के सिस्टम पर रोक लगाएंगे।  वर्ष 2016 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के B.Com (Honours) कोर्स में जो पहले 188 दाखिले हुए थे, उनमें से 129 तमिलनाडु से थे। दाखिला लेने वाले 33 छात्र तमिलनाडु के एक ही स्कूल के थे। 


 सीबीएसई अधिकारी ने जताई खुशी

 

 एक सीनियर सीबीएसई अधिकारी ने कहा कि मॉडरेशन पॉलिसी सिर्फ बॉर्डरलाइन स्टूडेंट्स के लिए है। हम आर्टिफिशियल तौर पर अपने विद्यार्थियों के मार्क्स नहीं बढ़ाते। इस कारण हमारे विद्यार्थियों को काफी दिक्कत हो रही है। हम इस बार भी अपने स्टूडेंट्स को बढ़ा-चढ़ा कर नंबर नहीं देंगे। हम खुश है कि अन्य स्टेट बोर्ड भी बढ़ा-चढ़ा कर नंबर न देने की नीति का पालन करेंगे।