आपको पता है एशिया की सबसे लंबी नदी है ब्रह्मपुत्र?

Daily news network Posted: 2018-04-17 20:34:47 IST Updated: 2018-04-17 20:34:47 IST
आपको पता है एशिया की सबसे लंबी नदी है ब्रह्मपुत्र?
  • ब्रह्मपुत्र नदी भारत कई पूर्वोत्तर राज्यों सहित तिब्बत तथा बांग्लादेश से होकर गुजरती है। यह एक ऐतिहासिक नदी है।

ब्रह्मपुत्र नदी भारत कई पूर्वोत्तर राज्यों सहित तिब्बत तथा बांग्लादेश से होकर गुजरती है। यह एक ऐतिहासिक नदी है। ब्रह्मपुत्र भारत ही नहीं बल्कि एशिया की सबसे लंबी नदी है। यदि इसे देशों के आधार पर विभाजित करें तो तिब्बत में इसकी लंबाई 1625 किलोमीटर है, भारत में 918 किलोमीटर और बांग्लादेश में 363 किलोमीटर लंबी है यानी बंगाल की खाड़ी में समाने से पहले यह करीब तीन हज़ार किलोमीटर का लंबा सफर तय कर चुकी होती है।

 


 इस दौरान अनेक नदियां और उनकी उप-नदियां आकर इसमें समा जाती हैं। हर नदी की अपनी कहानी है और उनके किनारे बसी जनजातियों की अपनी संस्कृति है। यह भले ही तिब्बत से निकलकर भारत के अरुणाचल प्रदेश के रास्ते असम को उत्तर पार और दक्षिण पार में विभाजित करती हुई पश्चिम बंगाल के रास्ते सिक्किम की पहाड़ियों को छूकर तिस्ता से मिलने के बाद बांग्लादेश में जाकर सागर में समा जाती है लेकिन इसके पहले यह मेघालय की गारो पहाड़ियों का चरण स्पर्श करती है।

 


 इस क्रम में अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मेघालय, भूटान, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के पहाड़ों से निकली अन्य अनेक नदियां इसमें समाहित हो जाती हैं। किसी नदी का पानी लाल होता है तो किसी का नीला, कोई मटमैला तो कोई श्वेत।

 


 यह सभी को उनके मूल रंग में स्वीकार कर अपने रंग में रंग लेती है। उदार बह्मपुत्र किसी की उपेक्षा नहीं करती। नदी छोटी हो या बड़ी, सभी को साथ लेकर आगे बढ़ती जाती है। भले ही कई नदियां काफ़ी दूर तक अपनी अलग पहचान बनाए रखने में सक्षम होती हैं या ब्रह्मपुत्र के समानांतर चलने का उपक्रम करती हैं, यह फिर ब्रह्मपुत्र को अंगीकार करने में शर्माती हुई आगे बढ़ती है लेकिन कितनी दूर तक चलेगा यह लुकाछिपी का खेल।

 


 अंत में उन्हें आकर समर्पण कर देना पड़ता है और उसी क्रम में बादाम के आकर के कई नदी द्वीप (स्थानीय भाषा में चापरी) बह्मपुत्र की छाती पर उग आते हैं। फिर मानसून आते ही अधिकांश द्वीपों को अपने सीने से लगा लेती है।

 


 ब्रह्मपुत्र और लुइत के बीच इसी तरह के खेल में ताजा पानी का सबसे बड़ा नदी द्वीप-माजुली बन गया। यह द्वीप हर मानसून में बनते-बिगड़ते हैं। एक द्वीप विलीन होता है तो दूसरा उग जाता है। कहीं पर नदियों का संगम परिलक्षित होता है तो कहीं पर यह मिलन गुप्त तरीके से होता है। यह संगम किसी आबादी वाले इलाके में होता है तो कहीं घने जंगलों के बीच।

 


 ब्रह्मपुत्र में समाने वाले असंख्य नालों की गिनती तो असंभव है। सबसे खास बात यह है कि इसके दोनों ओर पहाड़ियों की लंबी श्रृंखलाएं हैं।