कांग्रेस में दो फाड़, नागरिकता संशोधन बिल पर दो गुटों में बंटे नेता

Daily news network Posted: 2018-05-17 14:29:16 IST Updated: 2018-05-20 18:37:01 IST
  • नागरिकता संशोधन विधेयक-2016 पर मचे बवाल के बीच असम कांग्रेस बंगाली बनाम असमिया गुटों में बंटती नजर आ रही है।

नागरिकता संशोधन विधेयक-2016 पर मचे बवाल के बीच असम कांग्रेस बंगाली बनाम असमिया गुटों में बंटती नजर आ रही है। दिल्ली दरबार में आलाकमान अधिकारियों के साथ बैठक के एक दिन बाद ही पार्टी लाइन से अलग कदम उठाते हुए कांग्रेसी सांसद सुष्मिता देव ने हिंदू बांग्लादेशियों से सहानुभूति जताते हुए उनके पक्ष में रहने का फैसला किया है।



 कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की बेहद करीबी माने जाने वाली सुष्मिता देव के नागरिकता संशोधन विधेयक के सपोर्ट में आ जाने से प्रदेश कांग्रेस अब बराक बनाम ब्रह्मपुत्र में पूरी तरह बंट गई है। दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि उनका हिंदू बांग्लादेशियों का सपोर्ट करना असम की संस्कृति का विरोध करना नहीं है।



 उन्होंने यह भी कहा कि वे असम समझौते का भी विरोध नहीं कर रही हैं, लेकिन एक बंगाली होने के नाते उन्हें बांग्लादेशी बंगाली लोगों से सहानुभूति है। हालांकि उन्होंने यह भी जताया कि वे बंगाली होने के नाते यह जरूर नहीं है कि विदेशियों को सपोर्ट किया जाए। राज्य के बराक बनाम ब्रह्मपुत्र में बंट जाने पर सवाल पूछे जाने पर सुष्मिता ने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं है। असम में भाषा आंदोलन के समय से ही बराक और ब्रह्मपुत्र के विचारों में अंतर रहा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि दोनों अलग-अलग हैं।


 


उन्होंने कहा कि दोनों क्षेत्रों के विचारों में आपसी मतभेदों के बाद भी एक साथ हैं और आगे भी रहेंगे। सरकार के पास विदेशियों का कोई रिकॉर्ड डाटा नहीं होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के पास ना तो बांग्लादेशियों को कोई रिकॉर्ड हैै और ना ही राज्य में रहने वाले विदेशियों का। देव ने कहा कि एनआरसी प्रक्रिया के पूरे हो जाने के बाद ही यह पता चल पाएगा कि राज्य में कितने बांग्लादेशी हैं।