असम : एनआरसी का प्रमाण न होने से हताश महिला ने की आत्महत्या

Daily news network Posted: 2018-04-13 17:11:29 IST Updated: 2018-04-13 17:11:29 IST
असम : एनआरसी का प्रमाण न होने से हताश महिला ने की आत्महत्या
  • राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के प्रमाण न होने से हताश एक 45 वर्षीय महिला द्वारा कल आत्महत्या करने की घटना शहर में चर्चा का विषय बनी हूई है । धुबड़ी स्टेशन रोड़ निवासी खाइरुल इस्लाम की पत्नी साहिमून बीबी की आत्महत्या

धुबड़ी

राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के प्रमाण न होने से हताश एक 45 वर्षीय  महिला द्वारा कल आत्महत्या करने की घटना शहर में चर्चा का विषय बनी हूई है । धुबड़ी स्टेशन रोड़ निवासी खाइरुल इस्लाम की पत्नी साहिमून बीबी की आत्महत्या की वजह जानने की कोशिश किए जाने पर स्थानीय लोगों ने बताया कि एनआरसी के पहले मसौदे में अपना नाम न आने  एवं हेयरिंग (बुलावे) में साक्ष्य के लिए आवश्यक कागजात नहीं होने से  हताश साहिमून ने आत्महत्या का रास्ता अख्यियार कर लिया ।





 

उधर जिले के गोलकगंज हरिरहाट इलाके के कुर्नीरचर निवासी काचुवा शेख के लिगेसी डाटा को 78 परिवारों द्वारा व्यवहार किए जाने की बात उजागर  होते ही एनआरसी अधिकारी भी अचंभित हो उठे हैं। इसी तरह की एक और घटना धुबड़ी के बार्ड नंबर 1  निवासी राजा अली की है । राजा अली के पारिवारिक लिगेसी डाटा को भी अन्य 9 परिवार व्यवहार कर नागरिकता का प्रमाण देने में जुटे थे, लेकिन बिजनी में वंशवृक्ष तालिका की हैयरिंग के समय इस बात का खुलासा हुआ और जालसाजी पकड़ी गई ।

 




मालूम हो कि धुबड़ी जिला उपायुक्त समय-समय पर एनआरसी वंशवृक्ष तालिका के सत्यापन के कार्यों  को लेकर जागरूकता सभाएं आयोजित कर लोगों से  बगैर घबराए अधिकारियों की सहायता करने को अपील करने के साथ ही एनआरसी के ताजा आंकडों की जानकारियों से अवगत करा रहे हैं ।






ज्ञानी ने जारी पहले एनआरसी के मसौदे में नाम नहीं आने से  चिंतित लोगों को धैर्य बनाए रखने का आह्नान  करते हुए ताजा आकड़ो  के विषय में शुक्रवार को आयोजित जागरूकता सभा में बताया था कि अब तक 3,65, 000 गांव पंचायतों के कागजातों के सत्यापन का कार्य बाकी हैं, जिसे जल्द से  जल्द संपन्न करने की कोशिश की जा रही है। 






जिले के 136 एनआरसी केद्रों में चल रही सत्यापन प्रक्रिया में बुलावे से हो रही असुविधाओं पर दुख प्रकट करते हुए ज्ञानी ने लोगों से  नि:संकोच सहायता करने का आह्वान करते हुए जानकारी में बताया था कि यदि किसी का सत्यापन रद्द करना पड़े तो इसका मतलब यह नहीं कि उसका नाम मुख्य एनआरसी में नहीं होगा, बल्कि यथाक्रम सभी को समान अवसर दिया जाएगा । बहरहाल जिला प्रशासन महिला द्वारा आत्महत्या और एक लिगेसी डाटा से 78 परिवारों के व्यवहार की घटना की सिरे से जांच करवाई जा रही है ।