डोकलाम विवाद के बाद अप्रैल के अंत में चीन दौरे पर जाएंगी रक्षामंत्री

Daily news network Posted: 2018-03-13 10:47:03 IST Updated: 2018-03-13 12:01:19 IST
डोकलाम विवाद के बाद अप्रैल के अंत में चीन दौरे पर जाएंगी रक्षामंत्री
  • रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को बताया कि वह जल्द ही चीन को दाैरा करेंगी। सीतारमण ने एक समारोह के दौरान ये पुष्टि की कि संभवतः वह अप्रैल के अंत तक चीन के दौरे पर जा सकती हैं।

नर्इ दिल्ली।

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण जल्द ही चीन को दाैरा करेंगी। सीतारमण ने एक समारोह के दौरान ये पुष्टि की कि संभवतः वह अप्रैल के अंत तक चीन के दौरे पर जा सकती हैं। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जाना अभी बाकी है। बता दें कि पिछले सप्ताह रक्षा मंत्रालय इस बात से इंकार किया था कि रक्षा मंत्री चीन की यात्रा पर जा रही हैं।

 

 


रक्षा मंत्री का चीन दौरा दोनों देशों के बीच बीते साल डोकलाम विवाद के बाद होने जा रहा है, जो दो महीने से भी अधिक चला था। पिछले दिनों चीन ने नई दिल्‍ली और बीजिंग के बीच सहयोग की वकालत की थी और कहा था कि दोनों देश अगर मिल जाएं तो वे एक और एक दो होने की बजाय, ग्यारह हो सकते हैं।

 


इस पर भारत ने भी ऐसी ही प्रतिक्रिया दी थी और कहा कि वह परस्पर सम्मान और एक-दूसरे के हितों, चिंताओं और आकांक्षाओं की संवेदनशीलता के आधार पर मतभेदों से निपटाते हुए आपसी संबंध विकसित करने का इच्छुक है। रक्षा मंत्री सीतारमण के संभावित चीन दौरे को इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है।

 

 


 गौरतलब है कि पिछले साल जून में चीन ने भूटान के दावे वाले क्षेत्र में सड़क निर्माण की कोशिश की थी, जिसका भारतीय सेना ने विरोध किया था आैर चीन ने सड़क निर्माण का कार्य रोक दिया था। घटना के बाद सिक्किम क्षेत्र के डोकलाम में भारतीय सेना की चौकसी बढ़ा दी थी। जिसके बाद चीन ने भी सेनाएं बढ़ार्इ थी। दोनों देशों की सेनाएं 73 दिन तक एक-दूसरे के आमने-सामने आ गईं थी।

 


 इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। दोनों देश की सेनाओं के बीच यह गतिरोध 16 जून 2017 को शुरू हुआ था और 28 जून 2017 को समाप्त हुआ था। घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। इसके बाद दिसंबर में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात के दौरान जोर देकर कहा था कि दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध के लिए भारत-चीन सीमा पर शांति बनाए रखना जरूरी है।