रक्षा मंत्री ने कहा हमारे जवान दुश्मनों को छठी का दूध पिलाने में हैं सक्षम

Daily news network Posted: 2018-04-20 13:03:43 IST Updated: 2018-04-20 16:09:54 IST
रक्षा मंत्री ने कहा हमारे जवान दुश्मनों को छठी का दूध पिलाने में हैं सक्षम
  • वायुसेना अब तक के सबसे बड़े युद्धभ्यास 'गगन शक्ति' चीन से लगने वाली उत्तरी आैर पूर्वी सरहद पर अपनी पूरी मारक क्षमता का प्रदर्शन कर रही है।

नर्इ दिल्ली।

वायुसेना अब तक के सबसे बड़े युद्धभ्यास 'गगन शक्ति' चीन से लगने वाली उत्तरी आैर पूर्वी सरहद पर अपनी पूरी मारक क्षमता का प्रदर्शन कर रही है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरूवार को चुबवा एयरबेस जाकर गगन शक्ति  युद्धभ्यास में वायुसेना की मारक क्षमता का जायजा लिया। रक्षा मंत्री सुबह 11 बजे चबुवा पहुंची, जहां उन्होंने एक एमआर्इ 17 हेलीकाॅप्टर में बैठ कर अरुणाचल में एडवांस लैंडिग ग्राउंड का दौरा किया। सीतारमण ने असम के डिब्रूगढ़ में चाबुआ वायुसेना बेस स्टेशन का भी दौरा किया और गगन शक्ति अभ्यास 2018 का जायजा लिया। यह अभ्यास अपने दूसरे चरण में है।

 

 

 

उनके वहां पहुंचने पर पासीघाट एडवांस लैंडिंग ग्राउंड में एसयू-30 लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी। इसके बाद वहां सी-130 विमान उतारा गया, जिसमें से गरुड़ कमांडो के एक दल ने बेस पर कब्जा जमाने को प्रदर्शन किया। रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल हर्षवर्धन पांडे ने कहा कि मंत्री ने पासीघाट में एसयू -30 एमकेआई लड़ाकू विमान, सी -17 ग्लोबमास्टर विमान और एमआई-17 वी 5 हेलीकॉप्टरों पर रॉकेट लोड किए जाने का जायजा लिया। उन्होंने वायुसेना के गरुड़ कमांडो की ड्रिल भी देखी।

 


 रक्षा मंत्री ने वायुसेना की इन तैयारियों को देखकर संताेष जाहिर किया है आैर कहा कि आकाश के रखवाले वायुसेना के जांबाज किसी भी हालत में दुश्मनों को छठी का दूध याद दिलाने में सक्षम हैं। इन तैयारियों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि मान लिजिए युद्ध हाे रहा है, हालांकि युद्ध नहीं हो रहा है। लेकिन एेसी स्थिति आने पर जो पश्चिमी क्षेत्र में करना होता है। उत्तरी क्षेत्र में उससे अलग करना होता है। क्योंकि दोनों इलाकों मेंं महौल अलग है, वातावरण अलग है। परिस्थिति आने पर हम पश्चिमी सीमा से उत्तरी सीमा पर महज दो घंटे में पहुंच सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि  इससे पहले वायुसेना का इतना बड़ा अभ्यास नहीं हुआ है।

 



 बता दें कि गगनशक्ति वायुसेना का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास है। इस दौरान वायु सेना के जवानों ने अपने पराक्रम व युद्ध कौशल का प्रदर्शन कर रहे हैं। इस अभ्यास में वायुसेना के 1100 से ज्यादा विभिन्न किस्म के हेलीकॉप्टरों के अलावा तीन सौ अधिकारी व 1500 जवान शामिल हैं। इस अभ्यास का पहला चरण 10 अप्रैल को शुरू हुआ था। फिलहाल इसका दूसरा चरण जारी है जो 23 अप्रैल तक चलेगा।