जंगलों का कम होना हाथी-मानव संघर्ष की सबसे बड़ी वजह: मंत्री

Daily news network Posted: 2018-04-06 13:54:15 IST Updated: 2018-04-06 13:54:15 IST
जंगलों का कम होना हाथी-मानव संघर्ष की सबसे बड़ी वजह: मंत्री

गुवाहाटी।

वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रमिलारानी ब्रह्म ने विधानसभा में बताया कि हाथियों की जनसंख्या बढऩे और जंगल कम होने की वजह से हाथी-मानव संघर्ष की घटनाएं होती हैं। प्रश्रकाल के दौरान बीपीएफ विधायक कमली बसुमतारी द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में मंत्री ने यह जवाब दिया। भाजपा विधायक मृणाल सइकिया द्वारा जंगली हाथियों को पकडऩे की व्यवस्था शुरु किए जाने के सुझाव पर वन मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने हाथी पकडऩे पर रोक लगा रखी है, फिर भी हम देखते हैं कि क्या किया जा सकता है। 





मंत्री ने बताया कि जंगली हाथियों के हमले में मारे गए अधिकांश लोगों के परिवारों को सरकार मुआवजे का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि हाथियों द्वारा नष्ट किए गए घरों के लिए टीन देने का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन घर के निर्माण के लिए दस हजार रुपए दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि हाथी-मानव संघर्ष पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं, जिनमें जंगल के आसपास के गांवों में जागरुकता अभियान चलाना, हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए हाथी कर्मी वाहिनी गठित करना, रेल पटरियों के ऊपर से हाथियों के गुजरने वाले स्थान के निकटवर्ती रेल स्टेशन के प्रबंधक से इस मु²े पर संपर्क करना, राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट हाथियों के कोरिडोर के निकट सावधानी सूचक बोर्ड आदि लगाना सरकारी प्रयासों की श्रृंखला में शामिल है। 





वनमंत्री ने कहा कि हाथियों के निवास स्थल वाली जगह को अतिक्रमण मुक्त कराकर उन स्थानों पर हाथियों के खाद्य पेड़ लगाने की व्यवस्था की जा रही है ताकि हाथियों की आवाजाही को जंगल तक ही सीमित रखा जा सके। अगप विधायक प्रदीप हजारिका ने कहा कि जंगली हाथी कच्ची शराब पीकर भी गांवों में तोडफ़ोड़ करते हैं, लिहाजा जंगल के आसपास के गांवों में पनपने वाली कच्ची शराब के गैर कानूनी धंधे पर भी अंकुश लगाया जाना चाहिए।